तिलका मांझी जयंती पर आसनसोल में सेवा संग समर्पण, आदिवासियों को बांटा गया चावल

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आसनसोल: भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद तिलका मांझी की जयंती के अवसर पर आसनसोल में एक विशेष माल्यार्पण एवं समाजसेवी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे और श्रद्धा एवं सम्मान के साथ शहीद तिलका मांझी को नमन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड के दुमका स्थित एस.पी. कॉलेज के डॉ. निर्मल मुर्मू, पाकुड़ के समाजसेवी पंचानन ठाकुर तथा झारखंड के समाजसेवी गमलियाल हेम्ब्रम उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने अपने संबोधन में तिलका मांझी के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

इस अवसर पर समाजसेवी कृष्णा प्रसाद ने कहा कि तिलका मुर्मू की जन्मजयंती पर उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही कार्यक्रम में आए आदिवासी परिवारों को एक-एक बोरा चावल वितरित कर सेवा का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज के प्रति समर्पण, एकजुटता और सेवा की भावना का प्रतीक है।

कृष्णा प्रसाद ने आगे कहा कि समाज के उत्थान और आदिवासी समुदाय के सशक्तिकरण के लिए ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हम सबने संकल्प लिया है कि इस बार पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर लाएंगे और समाज के हर वर्ग की आवाज को मजबूत करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी तिलका मांझी के जीवन और संघर्ष को याद किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके बलिदान को प्रेरणा स्रोत बताते हुए सामाजिक एकता और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।

आसनसोल में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि दी, बल्कि समाज सेवा और सामुदायिक एकजुटता का भी सशक्त संदेश दिया।

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