*सुर्खियों में शामिल इस हॉल को लेकर रोज खुल रहे नये चैप्टर
*आरोपों के केंद्र में बीजेपी से टीएमसी में आई पार्षद रेशमा
*मेयर ने किया विस्फोटक दावा- 5 साल तक नहीं मिले पैसे
आसनसोल : आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 23 अंतर्गत शगुन श्रीनगर कम्यूनिटी हॉल फिलहाल सुर्खियों में है। इससे जुड़े विवाद में रोज नया चैप्टर खुल रहा है। आरोपों के केंद्र में पार्षद सीके रेशमा घिरती जा रही हैं। अब शुक्रवार को जो नया अध्याय खुला है, उसमें से ‘भ्रष्टाचार की बू’ आ रही है। बता दें कि इस विवाद में पहले ही मेयर ने पार्षद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, जबकि पार्षद द्वारा भी निगम अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की गई है। वहीं संबंधित टेंडर प्राप्त कंपनी एमबी इंटरप्राइज ने भी पार्षद पर मनगढ़ंत, झूठे व बेबुनियाद आरोप लगाने का ठिकरा फोड़ा है। बड़ा सवाल यह है कि आखिर किस आधार पर पार्षद द्वारा हॉल में कब्जा जमा रखा गया है? सनद रहे कि रेशमा ने पहली बार बीजेपी के टिकट पर पार्षद चुनाव में जीत दर्ज की थी, इसके बाद वह टीएमसी में शामिल हो गई थी। इस दल-बदल में पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी उनके मातहत थे। बाद में तिवारी खुद तृणमूल से अलग होकर भाजपा में चले गए।
2016 से संचालन पर 2021 से किया भुगतान
दरअसल, मेयर विधान उपाध्याय ने शुक्रवार को मीडिया के समक्ष विस्फोटक दावा किया है कि सीके रेशमा द्वारा 2016 से शगुन हॉल का संचालन किया जा रहा है। लेकिन 2021 से पहले सीके रेशमा द्वारा नगर निगम में पैसा जमा करने से संबंधित कोई दस्तावेज या रसीद नहीं है। 2021 के बाद 4 साल में उन्होंने कुल मिलाकर लगभग 5 से साढ़े पांच लाख रुपए के आसपास दिए हैं। लेकिन 2021 से पहले भुगतान राशि का कोई भी दस्तावेज नगर निगम के पास नहीं है।
शादी रद्द होने पर भी नहीं लौटाए गए 23 हजार रुपए
मेयर ने आगे बताया कि एक व्यक्ति ने शगुन मैरिज हॉल को 23 हजार रुपए देकर अपने घर के एक शादी के लिए बुक किया था। लेकिन शादी से पहले उनकी माता जी की तबीयत बिगड़ गई और काफी खर्च हुआ। इस वजह से उन्होंने शादी को रद्द किया और वह चाहते थे कि 23 हजार रुपए उन्हें वापस मिले। इसके लिए वह मेयर से भी मिले थे। मेयर ने शगुन मैरिज हॉल का संचालन करने वाले संस्था को वह रुपए वापस देने के लिए भी कहा था। इसके बावजूद उनका वह पैसा वापस नहीं दिया गया। पीड़ित व्यक्ति ने शुक्रवार को मेयर से मिलकर एक पत्र सौंपकर फिर बकाया दिलाने की गुहार लगाई है।
दावा- वूमेंस वेलफेयर एसोसिएशन को संचालन का अधिकार नहीं
वहीं, आसनसोल नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आरके श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान में आसनसोल वूमेंस वेलफेयर एसोसिएशन का शगुन मैरिज हॉल के संचालन में कोई अधिकार नहीं है। लेकिन फिर भी बैक डेट दिखाकर संचालन किया जा रहा है। उन लोगों को हॉल खाली करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन,निर्देश की अवहेलना की जा रही है। मामले में निगम प्रशासन द्वारा कानूनी सलाह ली जा रही है। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निगम मुख्यालय पहुंची नॉर्थ थाना पुलिस की टीम
इधर, शुक्रवार को आसनसोल उत्तर थाना के पुलिस अधिकारी निगम मुख्यालय पहुंचे। पुलिस की टीम ने पहले मेयर से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली, फिर कार्यकारी अभियंता आरके श्रीवास्तव से भी मुलाकात की। इस दौरान नगर निगम व मेयर द्वारा पार्षद के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आलोक में संबंधित दस्तावेज लेकर पुलिस की टीम लौट गई।











