जमुड़िया:
जमुड़िया थाना क्षेत्र के अंतर्गत तपसी गांव में पिछले छह से सात महीनों से जारी भीषण पेयजल संकट के खिलाफ शुक्रवार को महिलाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं होने से नाराज स्थानीय महिलाओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग 60 (NH-60) को जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लगभग 20 मिनट तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन से पेयजल समस्या की शिकायत की, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर तपसी इलाके में उचित पेयजल व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आने वाले दिनों में और भी बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगी।

महिलाओं का कहना है कि क्षेत्र में दो तालाब मौजूद हैं, लेकिन एक तालाब का जल-संपर्क काट दिया गया है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। पानी की कमी के कारण रोजमर्रा के कामकाज, खाना पकाने और स्वच्छता जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल न होने के कारण उन्हें अंततः सड़क जाम का रास्ता अपनाना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता राजू मुखर्जी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि PHE पाइपलाइन में आई तकनीकी खराबी के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है और इसे जल्द से जल्द ठीक करने का प्रयास किया जाएगा।
राजू मुखर्जी ने कहा, “पेयजल एक अत्यावश्यक जरूरत है। पानी की कमी से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। हम जल्द समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।” उनके आश्वासन के बाद महिलाओं ने अस्थायी रूप से सड़क जाम हटा लिया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि वादा पूरा नहीं हुआ तो आंदोलन फिर तेज किया जाएगा।
फिलहाल तपसी इलाके में पेयजल संकट को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं और स्थानीय लोग ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।











