कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार सुबह लोकभवन (पूर्व राजभवन) पहुंचकर राज्य के नए राज्यपाल रवींद्र नारायण रवि से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने राज्य में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करने की अपील की।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन का मुद्दा उठाया है। साथ ही उन्होंने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और पुलिस महानिदेशक पीयूष पांडे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।
राष्ट्रपति के ‘अपमान’ का लगाया आरोप
लोकभवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा,
“राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ जो हुआ, उसे लेकर पूरे देश में चिंता है।”
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल का पालन ठीक से नहीं किया गया और इस मुद्दे को उन्होंने राज्यपाल के सामने विस्तार से रखा।
इसी संदर्भ में उन्होंने मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और डीजी पीयूष पांडे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
लोकतंत्र के चारों स्तंभ कमजोर होने का आरोप
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि राज्य में लोकतंत्र के चारों स्तंभ—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया—कमजोर हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि इन गंभीर मुद्दों से उन्होंने नए राज्यपाल रवींद्र नारायण रवि को अवगत कराया है और उम्मीद जताई कि इस मामले में उचित कदम उठाए जाएंगे।
राष्ट्रपति के दौरे से जुड़ा विवाद
दरअसल, पिछले शनिवार अंतरराष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पश्चिम बंगाल आई थीं।
पहले उनका कार्यक्रम सिलीगुड़ी के विधाननगर में निर्धारित था, लेकिन बाद में सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम का स्थान बदलकर बागडोगरा के पास गोसाईपुर कर दिया गया।
इस बदलाव को लेकर राष्ट्रपति ने असंतोष व्यक्त किया था। बाद में वह विधाननगर पहुंचीं और राज्य प्रशासन तथा सरकार के प्रति नाराजगी भी जताई।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या उनके मंत्रिमंडल का कोई सदस्य एयरपोर्ट पर स्वागत करने क्यों नहीं पहुंचा।
भाजपा और तृणमूल के बीच आरोप-प्रत्यारोप
इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस पर राष्ट्रपति के ‘योजनाबद्ध अपमान’ का आरोप लगाया।
इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्र सरकार के कई नेताओं और मंत्रियों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
हाल ही में शपथ ली है नए राज्यपाल ने
गौरतलब है कि गुरुवार को रवींद्र नारायण रवि ने पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी।
उन्हें कोलकाता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल ने शपथ दिलाई थी। इस समारोह में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं।
सूत्रों के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह में शुभेंदु अधिकारी को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन वह उस दिन कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
हालांकि अगले ही दिन वह लोकभवन पहुंचकर नए राज्यपाल से मुलाकात करने पहुंचे और राज्य के राजनीतिक हालात पर चर्चा की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य में राजनीतिक बयानबाजी और टकराव का दौर आने वाले समय में और तेज हो सकता है।














