शुभेंदु अधिकारी का बड़ा हमला—‘ममता बनर्जी कानून से ऊपर नहीं’

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के करीब आते ही सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) से मुलाकात कर बड़ा आरोप लगाया है।

भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उनके चुनाव प्रचार पर रोक लगाने की मांग की है।

🎥 वीडियो सबूत के साथ ‘भड़काऊ’ भाषण का आरोप

शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि उन्होंने चुनाव आयोग को दो वीडियो क्लिप सौंपे हैं।

👉 आरोप है कि इन वीडियो में ममता बनर्जी महिलाओं को केंद्रीय बलों के खिलाफ उकसाती दिख रही हैं
👉 घरेलू सामानों से हमला करने के लिए प्रेरित करने का भी आरोप
👉 निष्पक्ष चुनाव पर उठे सवाल

उन्होंने कहा—
“अगर संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति ऐसी भाषा बोले, तो निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव है?”

⚖️ “ममता बनर्जी कानून से ऊपर नहीं”

शुभेंदु अधिकारी ने सख्त लहजे में कहा—

👉 “जब अन्य नेताओं पर कार्रवाई होती है, तो ममता बनर्जी को छूट क्यों?”
👉 “कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए”

उन्होंने सुरक्षा निदेशक मनोज वर्मा पर भी आरोप लगाया कि वे मुख्यमंत्री की सुविधा के लिए आम जनता को परेशान कर रहे हैं और सड़कों को अवरुद्ध कर रहे हैं।

🏛️ प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल

भाजपा नेताओं ने प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए—

👉 जंगीपुर के एसपी मेहंदी हसन
👉 पश्चिम मेदिनीपुर के एसपी पलाश ढाली

इन अधिकारियों पर तबादले के बावजूद प्रशासनिक हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया गया।

📱 फोन टैपिंग और निगरानी के आरोप

भाजपा ने बड़ा दावा करते हुए कहा—

👉 इंटेलिजेंस ब्रांच (IB) के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं के फोन और लोकेशन की निगरानी हो रही है
👉 सीआईडी द्वारा उम्मीदवारों को बार-बार तलब कर परेशान किया जा रहा है

इन आरोपों ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है।

🗳️ वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा

बैठक में मतदाता सूची को लेकर भी बड़ा मुद्दा उठा—

👉 ‘भूतिया’ वोटरों के नाम होने का आरोप
👉 फॉर्म-7 जमा करने के बाद भी सुधार नहीं
👉 भाजपा ने आयोग को विस्तृत सूची सौंपी

🔥 चुनाव से पहले सियासी संग्राम तेज

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार—

👉 यह विवाद आने वाले चुनाव को और अधिक तीखा बना सकता है
👉 चुनाव आयोग की भूमिका बेहद अहम होगी
👉 दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है

📊 क्या होगा आगे?

👉 क्या चुनाव आयोग इन आरोपों पर कार्रवाई करेगा?
👉 क्या ममता बनर्जी को नोटिस जारी होगा?
👉 क्या ये मुद्दे वोटरों को प्रभावित करेंगे?

👉 कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव 2026 से पहले भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है, और आने वाले दिनों में यह सियासी लड़ाई और भी तेज होने के संकेत दे रही है।

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