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जाने आसनसोल से भाजपा प्रत्याशी एसएस अहलूवालिया की जीवनी

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लंबे इंतजार के बाद गुरुवार को भाजपा राष्ट्रीय समिति ने अपने दसवीं लिस्ट में आसनसोल लोकसभा से प्रार्थी के नाम की घोषणा की l बी जे पी ने आसनसोल से तृणमूल प्रत्याशी शत्रुघ्न सिन्हा के बिरुद्ध मैदान में लगातार भाजपा से जितने वाले प्रार्थी एस एस अहलुवालिया को उतारा है l आइये जानते है आसनसोल के इस भूमिपुत्र और बर्दवान-दुर्गापुर के वर्तमान सांसद और आसनसोल से प्रत्याशी की जीवनी को l

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4 जुलाई 1951 को पश्चिम बंगाल के आसनसोल अंतर्गत जे के नगर में जन्मे सुरेंद्रजीत सिंह अहलूवालिया भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य हैं। उनके पिता का नाम स्वर्गीय सरदार सिंह, मां का नाम स्वर्गीय दिलमोहन कौर है l राजनीति में आने से पहले वह एक सफल वकील थे। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा बर्दवान विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक और कलकत्ता विश्वविद्यालय से कानून स्नातक-1981 में पढ़ाई पूरी की है l
उनका आसनसोल में भी कई रिश्तेदार है l उनकी पत्नी के एक भाई तापस बनर्जी आसनसोल में रहते है, जो तृणमूल के विधायक और आसनसोल-दुर्गापुर विकास प्राधिकरण के चेयरमैन है। जबकि अमिताभ बनर्जी उर्फ जौहर बनर्जी दुर्गापुर के तृणमूल के बड़े नेता में एक है। पिछले नगरनिगम बोर्ड में वे उपमेयर थे। जबकि वर्तमान बोर्ड में वे मेयर परिषद सदस्य भी रहें है।

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72 साल के एस एस अहलूवालिया पिछले 32 साल से सांसद हैं l उन्होने 2014 में दार्जलिंग से चुनाव लड़ा, जिसमे उन्होंने तृणमूल के वाई चुंग भूटिया को 197239 मतों से पराजित किया था l 2019 में पार्टी ने उन्हें बर्दवान दुर्गापुर से उतारा, वंहा उन्होंने तृणमूल के मुमताज़ संघमित्रा को 2,439 मतों से हराया था l
अहलूवालिया बीजेपी में आने से पहले कांग्रेस में थे। वह कांग्रेस के टिकट पर दो बार लोकसभा चुनाव भी जीत चुके हैं। इतना ही नहीं वह बिहार और झारखंड से राज्यसभा में जा चुके हैं।अहलूवालिया 1999 में बीजेपी से जुड़े थे। वे पिछले 25 सालों से बीजेपी के साथ है। बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में चर्चा का विषय बनी आसनसोल सीट से अब उन्हें चुनावी रण में उतारा है l सुरेंद्रजीत सिंह अहलूवालिया इतिहास, कानून और सामाजिक विज्ञान के शौकीन पाठक हैं। उन्होंने समय-समय पर इकोनॉमिक टाइम्स, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रकाशनों और अन्य में लेख और फीचर भी लिखे हैं। अहलूवालिया मानव जाति के कल्याण, विशेषकर सामूहिक गरीबी उन्मूलन के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग में रुचि रखते हैं। वह देश में नवंबर 1984 के दंगों के पीड़ितों को राहत और पुनर्वास प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा गठित जीएस ढिल्लों समिति के सदस्य थे। उन्होंने 1994-2001 तक लगातार दो बार गुरुद्वारा तख्त श्री हरिमंदिरजी, पटना साहिब के प्रबंधन बोर्ड में निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में और गुरुद्वारा सचखंड श्री हजूर अपचलनगर साहिब, नांदेड़ (महाराष्ट्र) के प्रबंधन बोर्ड में संसद के नामित सदस्य के रूप में कार्य किया। दिसंबर 2001 को भारतीय संसद पर हुए आतंकवादी हमले के बारे में यूरोपीय संघ को अवगत कराने के लिए जनवरी, 2002 में ब्रुसेल्स (बेल्जियम) का दौरा किया। “शांति के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के निर्माण में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने में बहुपक्षीय संगठनों की सहायता करने में संसदों की भूमिका” पर। अहलूवालिया ने भारत सरकार के संसदीय मामलों के मंत्री के नेतृत्व में भारतीय संसद के सद्भावना प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में 5-13 जून 2003 को बुल्गारिया, हंगरी और रोमानिया का भी दौरा किया था।

SS Ahluwalia BJP


आसनसोल से हैवीवेट नेता सह अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के बिरुद्ध लंबा संसदीय अनुभव रखने वाले अहलूवालिया को मैदान में उतार कर आसनसोल का चुनाव भाजपा ने रोमांचक बना दिया है l
एस एस अहलूवालिया एक ऐसे नेता के रूप में जाने जाते हैं जिसे, जिस भी क्षेत्र के सीट पर उतार दिया जाए वह जीत का परचम लहरा देते हैं l तो क्या वे आसनसोल की सीट को बीजेपी के खाते में डाल पाएंगे? अब सबकी नजरें इनपर टिकी है।

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