आसनसोल: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जिन शिक्षकों की नौकरी रद्द की गई है, उनमें से योग्य शिक्षकों ने शुक्रवार को ट्रैफिक मोड़ से ज़ोरदार रैली निकाली। यह रैली योग्य शिक्षक शिक्षिका अधिकार मंच के बैनर तले आयोजित की गई, जो जीटी रोड होते हुए बीएनआर स्थित रवींद्र भवन के सामने समाप्त हुई।
🎓 क्या है मामला?
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पश्चिम बंगाल शिक्षक नियुक्ति घोटाले पर सुनवाई के बाद सैकड़ों शिक्षकों की नियुक्ति रद्द कर दी थी। इनमें ऐसे भी शिक्षक शामिल हैं जिन्होंने 55 में से 47 अंक तक प्राप्त किए थे और पूरी तरह से योग्य थे। लेकिन अब वे खुद को भ्रष्टाचार का शिकार मान रहे हैं।
🗣️ शिक्षकों की आवाज:
- “भ्रष्टाचार किया सरकार ने, सज़ा मिल रही हमें!”
- “अगर हमारे पास नंबर थे, तो हम कैसे अयोग्य?”
- “हम फिर से परीक्षा नहीं देंगे!”
📌 प्रदर्शन के अहम मुद्दे:
- ओएमआर शीट से योग्यता साबित हो सकती है।
- अगर कुछ को ‘टेंटेड’ कहा गया है तो बाकी को ‘अनटेंटेड’ मानकर बहाल किया जाए।
- सरकार पर अब भरोसा नहीं, आंदोलन और केस दोनों चलेंगे।
- शिक्षा कर्मियों की भी बहाली होनी चाहिए, क्योंकि स्कूल चलाने में उनकी भी अहम भूमिका होती है।
⚖️ प्रमुख मांगें:
- रद्द शिक्षकों की तत्काल बहाली
- पुनः परीक्षा का विरोध
- ओएमआर शीट के आधार पर योग्यता की पुनर्समीक्षा
- पैनल का दोबारा गठन
- शिक्षा कर्मियों की सुरक्षा
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। योग्य शिक्षक अब आंदोलन के साथ-साथ न्यायिक लड़ाई के लिए भी तैयार हैं।
📣 अब देखना है कि सरकार और शिक्षा विभाग इस आवाज़ को सुनते हैं या नहीं।













