👉देश में एसआईआर प्रक्रिया पूरा करने में चौथे स्थान पर पश्चिम बंगाल
आसनसोल : निर्वाचन आयोग के निर्देश पर देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया तेजी से जारी है। इसमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है। राज्य के तमाम जिलों में एन्यूमरेशन फॉर्म वितरण से लेकर जमा किए जाने और अपडेशन का काम जोरों पर है। इस बीच जिला चुनाव अधिकारी दफ्तर से जुड़े आधिकारिक सूत्रों ने यह दावा किया है कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत पश्चिम बर्दवान जिले में 2 लाख 76 हजार 295 वोटर्स के नाम मतदाता सूची से कट सकते हैं। ये वो वोटर हैं, जो या तो मृत हैं या फिर शिफ्ट हो चुके हैं या फिर लापता हैं। इधर, राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) दफ्तर से जुड़े सूत्रों ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया को समय से पूरा करने की दिशा में 12 राज्यों में से पश्चिम बंगाल का स्थान चौथे नंबर पर है। पहला- लक्षद्वीप, दूसरा- गोवा और तीसरे स्थान पर राजस्थान है।
DEO और पर्यवेक्षक ने की सर्वदलीय बैठक
यहां बता दें कि पश्चिम बर्दवान के जिला चुनाव अधिकारी (DEO) सह जिला शासक (DM) एस. पोन्नाबलम और एसआईआर प्रक्रिया की पर्यवेक्षक स्मिता पांडेय ने बुधवार की शाम को आसनसोल के कल्याणपुर स्थित जिला शासक कार्यालय में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक की। बैठक में चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद डीएम और चुनाव आयोग के अधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार शाम तक पश्चिम बर्धमान जिले में 85.61% गणना फॉर्म (फॉर्म्स) का डिजिटलीकरण पूरा कर लिया गया है। उन्होंने सभी दलों के प्रतिनिधियों से किसी भी विशिष्ट शिकायत के संबंध में जिला प्रशासन को सूचित करने का अनुरोध किया, जिस पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। डीएम एस. पोन्नबलम ने मतदाता सूची से जुड़े एक महत्वपूर्ण आंकड़ों की जानकारी मुहैया कराई।
पश्चिम बर्दवान में कुल 23 लाख 25 हजार 281 वोटर्स
उन्होंने बताया कि जिले में अभी तक ऐसे मतदाताओं की संख्या 2 लाख 76 हज़ार से कुछ अधिक है, जो या तो लापता हैं, स्थानांतरित हो चुके हैं या मृत पाए गए हैं। इनमें 1 लाख 76 हजार 383 शिफ्ट व मीसिंग वोटर्स तथा मृत वोटर्स की संख्या 93 हजार 138 हैं। लगभग 11.87 फीसदी नाम वोटर लिस्ट से कट सकते हैं। यहां बता दें कि पश्चिम बर्दवान जिला में कुल वोटर्स 23 लाख 25 हजार 281 है। अब बड़ा सवाल यह उठने लगा है कि जो यह 12 फीसदी वोटर्स के नाम कटने वाले हैं, इससे आने वाले विधानसभा चुनाव में बड़ा प्रभाव पड़ सकता है?
99% फॉर्म वितरण और 86% डिजिटलीकरण का काम पूरा
डीएम ने जानकारी दी कि बीएलओ (बूथ स्तरीय अधिकारी) ने नियमानुसार तीन बार निरीक्षण करने की बजाय दस बार इन मतदाताओं के घरों का दौरा किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन संदिग्ध नामों के प्रारूप सूची (Draft List) में शामिल होने की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जारी होने वाली सूची केवल एक प्रारूप होगी। इसके बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा और सभी नागरिकों को दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने का अवसर मिलेगा। डीएम ने बताया कि जिले में एसआईआर के तहत 99% से अधिक फॉर्म वितरित करने का कार्य पूरा हो चुका है।
जिले के नौ विधानसभा क्षेत्रों में एन्यूमरेशन फॉर्म का विवरण
🔹पांडवेश्वर : 99% फॉर्म वितरण और 87% से अधिक डिजिटलीकरण।
🔹दुर्गापुर (पूर्व) : 99.90% वितरण और 88% से अधिक डिजिटलीकरण।
🔹दुर्गापुर (पश्चिम) : 99.92% वितरण और 86% से अधिक डिजिटलीकरण।
🔹रानीगंज : 99.93% वितरण और 85.05% डिजिटलीकरण।
🔹जामुड़िया : 99.96% वितरण और 84.76% डिजिटलीकरण।
🔹आसनसोल (दक्षिण) : 99.83% वितरण और 85% डिजिटलीकरण।
🔹आसनसोल (उत्तर) : 99.94% वितरण और 81.29% डिजिटलीकरण।
🔹कुल्टी : 99.85% वितरण और 83.55% डिजिटलीकरण।
🔹बाराबनी: 99.92% फॉर्म वितरित और 85.61% डिजिटाइज्ड किए गए।












