नई दिल्ली/कोलकाता (प्रेम शंकर चौबे) : भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को SIR के दूसरे चरण की घोषणा की. बिहार के बाद देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट अपडेट होगी. इन राज्यों में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR कल यानी 28 अक्टूबर से शुरू होगा और 7 फरवरी को खत्म होगा. 103 दिन के प्रोसेस में वोटर लिस्ट का अपडेशन होगा. नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे और वोटर लिस्ट में सामने आने वाली गलतियों को सुधारा जाएगा. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को बताया कि आज रात से ही इन 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट फ्रीज हो जाएगी.
खास बात है कि अगले साल चुनाव वाले बंगाल में SIR होगा, लेकिन असम में नहीं होगा। चुनाव आयोग का कहना है कि असम में नागरिकता से जुड़े नियम थोड़े अलग है, इसलिए वहां यह प्रक्रिया अलग तरीके से चलेगी।

उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दूसरे चरण का कार्यक्रम तय कर लिया गया है. इस प्रक्रिया के तहत देशभर में करीब 51 करोड़ मतदाताओं के नाम, पते और विवरण का सत्यापन किया जाएगा. निर्वाचन आयोग के मुताबिक, SIR की शुरुआत 4 नवंबर से होगी और 7 फरवरी 2026 को अंतिम व नई मतदाता सूची (Final Electoral Roll) प्रकाशित की जाएगी. इस दौरान कई चरणों में प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
👉12 राज्यों की सूची, जहां SIR होगा
🔹अंडमान निकोबार
🔹छत्तीसगढ़
🔹गोवा
🔹गुजरात
🔹केरल
🔹लक्षद्वीप
🔹मध्य प्रदेश
🔹पुडुचेरी
🔹राजस्थान
🔹तमिलनाडु
🔹उत्तर प्रदेश
🔹पश्चिम बंगाल

👉देखें SIR का पूरा शेड्यूल
28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक प्रिंटिंग और प्रशिक्षण होगा, जबकि 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक घर-घर गणना (House-to-House Enumeration) का काम चलेगा. इसके बाद 9 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी. 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया चलेगी, और 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक सुनवाई और सत्यापन का दौर जारी रहेगा.

👉तीन बार घर जाएंगे BLO और BLA
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इस अभियान में 5.33 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और 7.64 लाख राजनीतिक दलों के बूथ एजेंट (BLA) शामिल होंगे. BLO हर घर कम से कम तीन बार दौरा करेंगे, ताकि नए मतदाताओं को सूची में जोड़ा जा सके और त्रुटियां सुधारी जा सकें. वे घर-घर जाकर Form-6 और Declaration Form एकत्र करेंगे, नए वोटरों को फॉर्म भरने में मदद करेंगे और फिर इन दस्तावेजों को ERO (Electoral Registration Officer) या AERO (Assistant Electoral Registration Officer) को सौंपेंगे.
👉मतदान केंद्र पर नहीं होंगे 1200 से ज्यादा वोटर
ज्ञानेश कुमार ने यह भी कहा कि किसी भी मतदान केंद्र में 1200 से ज्यादा मतदाता नहीं होंगे, ताकि प्रक्रिया सुचारू और सुलभ बनी रहे. उन्होंने बताया कि आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बैठक कर SIR प्रक्रिया की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बुजुर्गों, दिव्यांगों, बीमारों और कमजोर वर्गों को फॉर्म भरने और सत्यापन में कोई परेशानी न हो, इसके लिए वॉलंटियर्स की तैनाती की जाएगी.

👉किन लोगों को दस्तावेज नहीं देना होगा?
दरअसल, सबसे पहले BLO हर मतदाता को उसके घर पर यूनीक इनूमेरेशन फॉर्म (Enumeration Forms) देने जाएंगे. इस फॉर्म में मतदाता की हर डिटेल होगी. उसके बाद जिनका भी नाम है, उन्हें ये देखना होगा कि उनका नाम 2002 की लिस्ट में था तो उन्हें कोई कागज नहीं देना होगा. अगर उनके माता-पिता का नाम भी उसमें था तो उन्हें कोई कागज नहीं देना होगा.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के नाम पहले से ही मतदाता सूची में शामिल हैं, उन्हें किसी भी तरह का नया दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी. यानी जिनका नाम पुराने या मौजूदा SIR मतदाता सूची में दर्ज है, वे स्वतः पात्र माने जाएंगे.
👉किन लोगों को दस्तावेज देना होगा?
SIR के लिए हर नागरिक को डॉक्यूमेंट्स जमा करने की जरूरत नहीं है. चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, केवल उन्हीं लोगों को अपने दस्तावेज़ देने होंगे जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है. सिर्फ उन ही लोगों को कागज देना होगा जिन लोगों का लिंक BLO नहीं कर पाएगा.

👉SIR के लिए कुल 12 दस्तावेज होंगे मान्य
✔️पेंशनर पहचान पत्र
✔️किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र
✔️जन्म प्रमाणपत्र
✔️पासपोर्ट
✔️10वीं की मार्कशीट
✔️स्थायी निवास प्रमाणपत्र
✔️वन अधिकार प्रमाणपत्र
✔️जाति प्रमाणपत्र
✔️राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम
✔️परिवार रजिस्टर में नाम
✔️जमीन या मकान आवंटन पत्र
✔️आधार कार्ड
👉SIR Documents करना क्या होगा?
सबसे पहले, ऑफलाइन प्रक्रिया में आपके इलाके का BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) आपके घर पर आएगा. BLO घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी जुटाएगा और जिनका नाम लिस्ट में नहीं है, उन्हें नया फॉर्म देगा. यह फॉर्म वहीं भरकर जमा किया जा सकता है. BLO आपसे जरूरी दस्तावेज़ जैसे पहचान पत्र, पते और नागरिकता से संबंधित प्रमाणपत्र लेगा और उन्हें सत्यापित करेगा.
👉ऑनलाइन Enumeration फॉर्म कैसे भरना होगा?
वहीं, ऑनलाइन आवेदन के लिए नागरिक राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ या वोटर हेल्पलाइन ऐप के ज़रिए भी फॉर्म भर सकते हैं. ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए आपको अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा, फिर “Apply for Voter Registration” विकल्प चुनना होगा. इसके बाद मांगी गई जानकारी जैसे नाम, जन्म तिथि, पता आदि भरनी होगी और संबंधित दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे.
मुख्य चुनाव आयोग ने बताया कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) प्रत्येक घर पर तीन बार जाकर मतदाताओं की जानकारी की पुष्टि करेंगे. इसके साथ ही नागरिकों के लिए ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म भरने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी. जब BLO घर जाते हैं तो वो नए वोटर के मैचिंग और लिंकिंग कर लेंगे. वो ERO, AERO को देंगे.
आयोग के अनुसार, BLO उन लोगों की पहचान भी करेंगे जिनका नाम दो जगहों पर दर्ज है, जो स्थायी रूप से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं, या जिनका निधन हो चुका है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से छूटे नहीं और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो.
👉कैसे भरे फॉर्म?
चुनाव आयोग ने तीन फॉर्म जारी किए हैं. फॉर्म 6 में नए मतदाता खुद का नाम जोड़ सकते हैं, फॉर्म 7 के तहत वे मतदाता अपना नाम हटवाने के लिए भर सकते हैं, जिनका नाम पहले से ही मतदाता सूची में है. फॉर्म 8 की मदद से मतदाता अपने मतदान कार्ड में कुछ बदलाव करने या कोई गलती है तो उसे सुधारने के लिए भर सकते हैं.
👉SIR क्या है?
चुनाव आयोग ने यह संशोधन SIR (Special Intensive Revision) के तहत किया है. SIR एक विशेष प्रक्रिया होती है, जिसमें मतदाता सूची को पूरी तरह से नए सिरे से तैयार किया जाता है. इस प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि कोई भी पात्र नागरिक वोटर लिस्ट से छूट न जाए, और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल न हो. इस काम के लिए मतगणक (enumerators) घर-घर जाकर लोगों की जानकारी जुटाते हैं और योग्य मतदाताओं की नई सूची तैयार करते हैं.
👉21 साल बाद हो रही SIR की प्रक्रिया
SIR की यह प्रक्रिया करीब 21 साल बाद हो रही है. 2002 से 2004 के बीच आखिरी बार यह प्रक्रिया पूरी की गई थी. अब मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को कई राजनीतिक दलों से मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए लगातार पत्र मिलते रहे हैं.
CEC ने बताया कि देश में यह SIR प्रक्रिया आठवीं बार हो रही है, लेकिन आखिरी बार लगभग 21 साल पहले (2002 से 2004 के बीच) यह पूरा किया गया था. इस लंबे अंतराल को देखते हुए मतदाता सूची में कई आवश्यक बदलाव आ चुके हैं.
👉SIR क्यों ज़रूरी? चुनाव आयोग ने बताए चार मुख्य कारण
ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्तर पर मतदाता सूची में बड़े बदलावों को देखते हुए SIR आवश्यक है. इसके चार प्रमुख कारण ये हैं:
🔹लोगों का माइग्रेशन (प्रवासन): भारत की विकास गाथा के साथ लोगों का बड़ी संख्या में एक जगह से दूसरी जगह जाना.
🔹दोहरी/एकाधिक प्रविष्टि: माइग्रेशन के कारण मतदाताओं का नाम पुरानी जगह के साथ-साथ नई जगह भी रजिस्टर हो जाता है, जिससे एक से ज़्यादा जगह पंजीकृत होने वाले वोटर की समस्या पैदा होती है.
🔹मृत्यु के बावजूद नाम का रहना: मतदाता की मृत्यु होने के बावजूद भी उसका नाम सूची में रह जाना.
🔹विदेशी नागरिकों का नाम: गलती से किसी भी विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में आ जाना.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इन चार कारणों की वजह से चुनाव आयोग ने निर्णय लिया है कि पूरे देश में यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से करवाई जाएगी.

👉बंगाल में SIR लागू करने में कोई बाधा नहीं, राज्य इसका समर्थन करने के लिए बाध्य
चुनाव आयोग (ईसी) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कोई रुकावट नहीं होगी. आयोग ने कहा कि सभी राज्य सरकारें संवैधानिक रूप से बाध्य हैं कि वे इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक कर्मी और सहयोग प्रदान करें. जब पत्रकारों ने पूछा कि अगर बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया होती है तो हिंसा की आशंका है, तो इस पर सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘इसमें कोई रुकावट नहीं है. चुनाव आयोग अपना संवैधानिक दायित्व निभा रहा है और राज्य सरकारें भी ऐसा करने के लिए बाध्य हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324के तहत चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से चुनावी कार्यों का संचालन करने का अधिकार प्राप्त है.











