मजदूर मरते रहे, स्कीम सोती रही: सालानपुर से दर्दनाक कहानी

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📍 सालानपुर, पश्चिम बर्धमान:
24 वर्षीय मनीलाल हेम्ब्रम, जो आनंद सेरामिक्स फैक्ट्री में मजदूर के रूप में काम करते थे, सिलिकोसिस जैसी जानलेवा बीमारी के चलते दम तोड़ दिए। दुर्भाग्यजनকভাবে, वह राज्य सरकार की ‘सिलिकोसिस रोकथाम और पुनर्वास योजना’ के अंतर्गत रजिस्टर्ड मरीज होने के बावजूद भी सही इलाज और मदद नहीं पा सके।

📸 भाजपा नेता एवं आसनसोल के पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी ने इस घटना से जुड़ी तस्वीर और मनीलाल का पहचान पत्र सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जिला स्वास्थ्य प्रशासन पर कड़ा प्रहार किया।
उन्होंने कहा:

सिलिकोसिस से एक और मौत, लेकिन जिला स्वास्थ्य प्रशासन इतना व्यस्त है कि देख ही नहीं पा रहा।

📄 मनीलाल हेम्ब्रम के पहचान पत्र से प्राप्त जानकारी:

  • नाम: मनीलाल हेम्ब्रम
  • उम्र: 24 वर्ष
  • पेशा: मजदूर
  • कार्यालय: आनंद सेरामिक्स
  • पता: बोडमार कोलियरी, सालानपुर, पश्चिम बर्धमान
  • सिलिकोसिस पीड़ित (आईडी: PASBN/01/2025)
  • रजिस्ट्रेशन की तारीख: 12/01/2025

😷 सिलिकोसिस — एक खामोश कातिल

सिलिकोसिस एक फेफड़ों की बीमारी है जो लंबे समय तक धूलभरे वातावरण में काम करने से होती है। खासकर कोलियरी, सिरेमिक फैक्ट्री और पत्थर काटने के कार्य से जुड़े मज़दूरों में यह बीमारी बेहद आम है।

पश्चिम बर्धमान जिले में अब तक सैकड़ों मज़दूर इससे पीड़ित हो चुके हैं। इसके बावजूद सरकारी सहायता और जागरूकता सीमित ही रही है। मनीलाल की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है — “क्या सरकारी योजना सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित है?”

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