नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल और इंटरनेशनल मीडिया फोरम के चेयरमैन संजय सिन्हा ने सरकार से कठोर और निर्णायक कदम उठाने की अपील की है।
उन्होंने कहा,
“हर साल हमारे नागरिक मारे जाते हैं, अब वक्त आ गया है कि आतंकवाद के स्रोत पर हमला किया जाए। POK में जहां आतंकियों को ट्रेनिंग मिल रही है, वहां एक बार आर-पार की लड़ाई होनी चाहिए।”
🔥 “इतना खून काफी नहीं?”: संजय सिन्हा की भावुक अपील
उत्तराखंड दौरा बीच में छोड़कर दिल्ली लौटे संजय सिन्हा ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“मैं उस तस्वीर को भूल नहीं पा रहा जहां एक महिला अपने पति की लाश से लिपटी बैठी थी। ये आतंकवादी इंसान नहीं, दरिंदे हैं। अब इन्हें ऐसा सबक सिखाया जाए कि सात जन्मों तक भारत की तरफ आंख उठाने की हिम्मत न हो।”
🚨 सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
संजय सिन्हा ने हमला स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा:
“अमरनाथ यात्रा का बेस कैंप पहलगाम है, वहां सुरक्षा का नामोनिशान नहीं था। इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो सकती है?”
उन्होंने सरकार से सुरक्षा बढ़ाने और जवानों की पर्याप्त तैनाती की मांग की।
🧨 “POK में आतंकी पल रहे हैं, क्यों नहीं खत्म कर रहे स्रोत?”
उन्होंने सीधे तौर पर कहा:
“पाकिस्तान की सेना और ISI POK में आतंकियों को ट्रेनिंग देकर भारत भेजती है। हमें ये पूरी तरह से पता है, फिर क्यों नहीं सरकार इन स्रोतों को खत्म कर रही?”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर टैग कर अपनी बात रखी।
📢 “अब सिर्फ निंदा नहीं, निर्णायक कार्रवाई चाहिए”
संजय सिन्हा का कहना है कि यह हमला सिर्फ कश्मीर ही नहीं, पूरे भारत के लिए खतरे की घंटी है।
उन्होंने कहा,
“अब सिर्फ कड़ी निंदा का समय नहीं रहा, अब वक्त है एक्शन का। हमें आतंकवाद के खिलाफ आर-पार की लड़ाई छेड़नी होगी।”
📌 मुख्य बिंदु:
- ✔️ संजय सिन्हा की पहलगाम आतंकी हमले की तीखी निंदा
- ✔️ सरकार से POK में आतंकी अड्डों पर कार्रवाई की मांग
- ✔️ सुरक्षा में चूक पर सवाल, जवानों की तैनाती की मांग
- ✔️ पीएम और गृहमंत्री को भावुक अपील: “सात जन्मों का सबक दीजिए”
- ✔️ आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक युद्ध की बात
यह केवल हमला नहीं, चेतावनी है — अब खामोशी नहीं, कार्रवाई चाहिए।










