बिना अनुमति ले जा रहे थे तमिलनाडु, RPF की सतर्कता से टला बड़ा अपराध
आसनसोल, 01 जून 2025:
पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल स्थित जसीडीह रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ऑपरेशन AAHT (Action Against Human Trafficking) के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। आरपीएफ ने दो संदिग्ध तस्करों को रंगे हाथों पकड़ते हुए उनके चंगुल से पाँच नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया, जिन्हें तमिलनाडु ले जाकर बाल मजदूरी में झोंकने की साजिश थी।
30 मई को जसीडीह स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर आरपीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों –
- नंदकिशोर यादव (32 वर्ष)
- बिनोद यादव (30 वर्ष)
को हिरासत में लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी बिहार के बांका जिले से हैं और बच्चों को बहला-फुसलाकर काम दिलाने के बहाने तमिलनाडु के तिरुपुर ले जा रहे थे।
इनकी योजना थी कि वे ट्रेन संख्या 22644 पटना-एर्नाकुलम सुपरफास्ट एक्सप्रेस से बच्चों को जसीडीह से तिरुपुर ले जाएंगे।
ना कोई दस्तावेज, ना कोई अनुमति
पूछताछ में पता चला कि तस्करों के पास न तो बच्चों के माता-पिता की अनुमति थी और न ही कोई सरकारी प्रमाण-पत्र। यह स्पष्ट हो गया कि बच्चों को अवैध रूप से ले जाया जा रहा था।
आरपीएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी नाबालिगों को बचाया और दोनों आरोपियों को जीआरपी जसीडीह के हवाले कर दिया गया। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 143(5) और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75/81 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मानवता और सुरक्षा की मिसाल बनी RPF
ऑपरेशन AAHT के तहत की गई यह कार्रवाई न केवल भारतीय रेलवे की सतर्कता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि मानव तस्करी जैसे अपराधों पर कड़ा प्रहार अब तेज हो चुका है।
रेलवे द्वारा संवेदनशील स्टेशनों पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती और यात्रियों की सतर्क निगरानी से अब ऐसे घिनौने मंसूबों को नाकाम करना संभव हो रहा है।













