आसनसोल। रंगों का त्योहार होली केवल खुशियों और उत्साह का पर्व ही नहीं, बल्कि समाज में प्रेम और भाईचारे का संदेश देने का भी अवसर होता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए रोटरी क्लब ऑफ आसनसोल ग्रेटर ने पार्वती इको पार्क में भव्य होली समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्लब के सदस्यों, उनके परिवारों और शुभचिंतकों ने मिलकर रंग-गुलाल के साथ होली का उत्सव बड़े उत्साह और सौहार्द के साथ मनाया।
कार्यक्रम के दौरान सेवा और मानवता की भावना भी देखने को मिली। रोटेरियन सचिंद्र नाथ रॉय, जो क्लब के अध्यक्ष हैं, ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए आशा निकेतन, आसनसोल के निवासियों के लिए होली उत्सव मनाने हेतु 5,000 रुपये का व्यक्तिगत योगदान दिया। उनका यह सहयोग आशा निकेतन में रहने वाले बच्चों और निवासियों के लिए होली के त्योहार को और भी खास बना देगा।
2007 में स्थापित हुआ था आशा निकेतन
आशा निकेतन, आसनसोल मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण बच्चों के लिए एक प्रेमपूर्ण आवासीय और देखभाल केंद्र है। इसकी स्थापना 29 जुलाई 2007 को सेंट विंसेंट स्कूल परिसर में की गई थी। यह केंद्र ऐसे बच्चों और युवाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करता है, जहां उन्हें शिक्षा, देखभाल और प्रशिक्षण के अवसर मिलते हैं।
वर्तमान में यहां 45 निवासी रहते हैं, जिनकी देखभाल समर्पित शिक्षकों और कर्मचारियों की टीम द्वारा की जाती है। संस्थान न केवल उन्हें रहने और भोजन की सुविधा देता है, बल्कि शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनकी प्रतिभा को निखारने का प्रयास भी करता है।
त्योहार के रंगों से भरेगी खुशियां
रोटेरियन सचिंद्र नाथ रॉय द्वारा दिया गया यह योगदान आशा निकेतन के निवासियों को होली के अवसर पर रंग, मिठाइयां और उत्सव का आनंद लेने में मदद करेगा। इससे उनके जीवन में भी खुशियों के रंग घुलेंगे और वे भी समाज के साथ त्योहार का आनंद महसूस कर पाएंगे।
रोटरी क्लब के सदस्यों ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों के साथ त्योहार की खुशियां बांटना ही सच्चे अर्थों में त्योहार मनाना है। भविष्य में भी क्लब द्वारा ऐसे सामाजिक और मानवीय कार्यों को जारी रखने की बात कही गई।
आसनसोल में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक होली उत्सव नहीं था, बल्कि यह संदेश भी था कि त्योहार तभी पूर्ण होता है जब उसकी खुशियां समाज के हर वर्ग तक पहुंचें।














