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आसनसोल-दुर्गापुर

रोहित नोनिया के नाम से ‘इनामी’ पोस्टर वायरल, ₹50,001 का दावा; धेमोमेन में बढ़ी हलचल

Moutushi · 8 October 2026, 12:02 PM

रोहित नोनिया के नाम से ‘इनामी’ पोस्टर वायरल, ₹50,001 का दावा; धेमोमेन में बढ़ी हलचल

आसनसोल: पश्चिम बर्दवान के आसनसोल-कुल्टी इलाके के धेमोमेन में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े स्थानीय नेता रोहित नोनिया के नाम से कथित तौर पर जारी एक पोस्टर और वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। वायरल पोस्टर में रोहित नोनिया की तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए उनके बारे में जानकारी देने की अपील की गई है। साथ ही जानकारी देने वाले को 50,001 रुपये नकद इनाम देने का दावा किया गया है। हालांकि, वायरल पोस्टर की किसी आधिकारिक सरकारी या पुलिस स्रोत से स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर तेजी से फैला पोस्टर

वायरल संदेश में कथित तौर पर लोगों से कहा गया है कि वे रोहित नोनिया के बारे में जानकारी दें। पोस्टर में उनके नाम के साथ बेहद आपत्तिजनक और गंभीर शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। उनके कथित ठिकाने के तौर पर धेमोमेन कोलियरी, वार्ड संख्या 58, आसनसोल का उल्लेख किया गया है।

पोस्टर में यह दावा भी किया गया है कि रोहित नोनिया के संबंध में जानकारी देने वाले व्यक्ति को 50,001 रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा और इस इनाम की समयसीमा सात दिन बताई गई है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पोस्टर किस व्यक्ति या संगठन ने तैयार किया और इसे सबसे पहले किसने सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी सोशल मीडिया पोस्ट, पोस्टर या वीडियो को तब तक आधिकारिक पुलिस घोषणा, गिरफ्तारी वारंट या सरकारी आदेश नहीं माना जा सकता, जब तक संबंधित एजेंसी इसकी पुष्टि न करे।

रोहित नोनिया को लेकर पहले भी रही चर्चा

धेमोमेन और कुल्टी क्षेत्र की स्थानीय राजनीति में रोहित नोनिया लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, वह पहले वामपंथी राजनीति से जुड़े पार्षद रहे और बाद में तृणमूल कांग्रेस के साथ जुड़े। क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सक्रियता और स्थानीय प्रभाव को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही है।

उनका नाम स्थानीय सामाजिक गतिविधियों में भी सामने आता रहा है। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में उन्हें पूर्व पार्षद और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी उल्लेखित किया गया है।

भाजपा कार्यकर्ता के घर पर हमले का विवाद

रोहित नोनिया और उनके परिवार से जुड़े लोगों के नाम को लेकर जून 2026 में धेमोमेन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता बीके यादव के घर पर हुए कथित हमले का मामला भी चर्चा में आया था। भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों ने बीके यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर हमला किया।

इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी और कुछ लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, विभिन्न रिपोर्टों में आरोपितों की भूमिका को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं। इसलिए किसी व्यक्ति को घटना का दोषी ठहराना न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।

फायरिंग की घटना ने बढ़ाया तनाव

हाल के दिनों में धेमोमेन इलाके में दुर्गापूजा मेले से जुड़े विवाद के बीच कथित गोलीबारी की घटना भी सामने आई। स्थानीय रिपोर्टों में बताया गया कि इलाके में दोनों पक्षों के बीच तनाव के बाद गोली चलने के आरोप लगे। कुछ रिपोर्टों में भाजपा नेता बिरजू यादव और रोहित नोनिया का नाम विवाद के संदर्भ में आया है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, फायरिंग के मामले में सात लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई, जबकि पुलिस की ओर से घटना की विस्तृत परिस्थितियों की जांच किए जाने की जानकारी दी गई। दूसरी रिपोर्टों में गोली चलने की संख्या और घटना के पीछे की वजह को लेकर आरोप अलग-अलग बताए गए हैं। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी एक पक्ष को घटना के लिए जिम्मेदार मानना उचित नहीं होगा।

पोस्टर वायरल होने के बाद उठे कई सवाल

अब 50,001 रुपये इनाम वाले पोस्टर ने पूरे विवाद को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। स्थानीय स्तर पर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह पोस्टर किसने तैयार किया और इसके पीछे उद्देश्य क्या था। क्या यह किसी राजनीतिक विरोधी की ओर से बनाया गया संदेश है, किसी स्थानीय समूह की गतिविधि है या फिर सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति द्वारा तैयार की गई सामग्री—इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली सामग्री को लेकर पुलिस और प्रशासन भी आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते रहे हैं। किसी व्यक्ति की तस्वीर के साथ गंभीर आरोप लिखकर पोस्ट साझा करने से उसके खिलाफ सार्वजनिक धारणा प्रभावित हो सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में आधिकारिक जांच और प्रमाण को ही आधार माना जाना चाहिए।

राजनीतिक बदलाव के बीच बढ़ी स्थानीय हलचल

वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बदलाव आया है। सत्ता परिवर्तन के बाद कई इलाकों में पुराने राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हुई हैं। धेमोमेन भी ऐसा क्षेत्र है जहां लंबे समय से अलग-अलग राजनीतिक समूहों के बीच स्थानीय प्रभाव और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर प्रतिस्पर्धा दिखाई देती रही है।

इसी पृष्ठभूमि में रोहित नोनिया से जुड़े विवाद को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। हालांकि, पुलिस के लिए यह मामला मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था और सामने आए आरोपों की जांच का विषय है।

फिलहाल धेमोमेन में वायरल पोस्टर, कथित फायरिंग और पुराने विवादों को लेकर चर्चा तेज है। 50,001 रुपये के इनाम वाले पोस्टर की असलियत, इसे जारी करने वाले व्यक्ति या समूह और इसके पीछे के उद्देश्य का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा। जब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, तब तक वायरल पोस्टर में लगाए गए आरोपों को केवल दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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