रेजांग ला के वीरों को सलाम: दुर्गापुर में निकली विशाल बाइक रैली

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दुर्गापुर:
भारत-चीन युद्ध 1962 का नाम लेते ही एक गौरवशाली अध्याय सामने आता है—रेजांग ला की वीरगाथा, जहाँ मेजर शैतान सिंह के नेतृत्व में मात्र 120 भारतीय सैनिकों ने 5,000 चीनी सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था। इस लड़ाई में 110 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे, लेकिन खोजी दल ने जब उनके शव बरामद किए, तब भी वे हाथों में बंदूक थामे अपनी धरती की रक्षा करते हुए मिले—यह दृश्य आज भी भारतीय सेना के साहस का सबसे बड़ा प्रमाण है।

इसी अदम्य शौर्य को श्रद्धांजलि देने के लिए मंगलवार दोपहर 18 नवंबर को दुर्गापुर यदुवंश सेवा समिति द्वारा रेजांग ला शौर्य दिवस के उपलक्ष्य में ओल्ड कोर्ट मोड़ से डेढ़ बजे विशाल बाइक रैली का आयोजन किया गया।

🚩 “120 सैनिकों ने इतिहास लिखा, इसी वीरता को नमन” — समिति अध्यक्ष

रैली को हरी झंडी दिखाते हुए समिति के अध्यक्ष यादव ने कहा—
“रेजांग ला में हमारे 120 बहादुर जवानों ने असंभव को संभव कर दिखाया। वे चीनी सेना को हराकर लद्दाख को बचाने का इतिहास रच गए। आज की यह बाइक रैली उसी शौर्य, साहस और बलिदान को याद करने का प्रतीक है।”

रैली में युवाओं, समाजसेवियों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। तिरंगे लहराते हुए बाइक सवारों ने पूरे शहर का माहौल देशभक्ति से भर दिया।

🏍️ रूट पर गूंजे “भारत माता की जय”

बाइक रैली ओल्ड कोर्ट मोड़ से शुरू होकर—
➡ कादा रोड
➡ भिरिंगी मोड़
➡ बेनाचिती बाजार
➡ पांचमाथा मोड़
➡ 54 फुट रांची कॉलोनी
से गुजरते हुए सिटी सेंटर में समाप्त हुई।

पूरे रास्ते “भारत माता की जय”, “वीर शैतान सिंह अमर रहें”, “इंडियन आर्मी ज़िंदाबाद” के नारों ने वातावरण को जोश और गर्व से भर दिया।

⭐ भीड़ में खास आकर्षण

🔸 बच्चों ने तिरंगे के साथ सैनिकों के पोस्टर उठाए
🔸 कई बाइक सवार सैनिकों की वर्दी की प्रतिकृति पहनकर निकले
🔸 महिलाओं ने शौर्य दिवस पर विशेष देशभक्ति गीत पेश किए
🔸 स्थानीय दुकानदारों ने फूल बरसाकर रैली का स्वागत किया

🇮🇳 यह सिर्फ रैली नहीं, देशभक्ति की ज्वाला थी

दुर्गापुर के लोगों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया।
संदेश साफ था—
“वीरों की शहादत कभी भुलाई नहीं जाएगी।”

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