आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल के नेतृत्व में आज रानीगंज वीडियो कार्यालय के सामने पानी संकट को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने जल आपूर्ति की बदहाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विधायक अग्निमित्रा पाल ने आरोप लगाया कि मई महीने में PHE की पाइपलाइन टूटने के बाद पूरे सात महीने बीत गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि पाइपलाइन टूटी 7 महीने पहले, लेकिन मरम्मत का काम शुरू हुआ सिर्फ दो दिन पहले। इस वजह से रानीगंज और आसपास के इलाकों में लोग पीने के पानी की भारी किल्लत झेल रहे हैं।
उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार के प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि “ममता सरकार में लोगों को पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी नसीब नहीं हो रही है।”
विधायक ने बताया कि पहले 5000 लीटर वाला टैंकर भेजा जाता था, लेकिन अब उसे घटाकर 2000 लीटर कर दिया गया है, जिससे लोगों की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने वीडियो कार्यालय के ठीक सामने उस मुख्य मार्ग पर धरना दिया जहां से रोजाना बालू और कोयले से भरे अवैध डंपर गुजरते हैं। उनका आरोप था कि पुलिस प्रशासन की ‘सक्रिय मदद’ से यहां हर तरह का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है, लेकिन आम जनता को स्वच्छ पानी तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी नहीं मिलने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई घरों में सुबह-शाम पानी की खोज में घंटों समय बिताना पड़ रहा है, और स्थिति धीरे-धीरे गंभीर होती जा रही है।
आज के प्रदर्शन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।











