रानीगंज:
पश्चिम बंगाल के रानीगंज में करीब दो महीने पहले हुई चोरी की दो बड़ी घटनाओं का आखिरकार पुलिस ने खुलासा कर दिया है। रानीगंज थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर हुई इन चोरियों ने उस समय इलाके में सनसनी फैला दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए रानीगंज थाने की पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और लगातार प्रयासों के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
पुलिस ने उत्तर 24 परगना के अशोकनगर निवासी अशरफुल मंडल और देगंगा निवासी नजीमुल मंडल को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को रानीगंज थाना परिसर में अशरफुल मंडल को मीडिया के सामने पेश किया गया।
मीडिया से बातचीत के दौरान आरोपी अशरफुल मंडल ने स्वीकार किया कि करीब दो महीने पहले हुई चोरी की घटना का उन्हें पूरा विवरण अब स्पष्ट रूप से याद नहीं है, लेकिन उन्होंने खाली घर देखकर चोरी की थी। आरोपी के अनुसार, चोरी के दौरान करीब 13 लाख रुपये नकद और कुछ कीमती गहने चुराए गए थे।
अशरफुल मंडल ने यह भी कबूल किया कि उन्हें जुआ खेलने की गंभीर लत है। इसी लत के कारण चोरी से मिले लगभग सभी पैसे वह जुए में गंवा चुका है। आरोपी ने कहा कि वह मेहनत के बजाय शॉर्टकट अपनाकर अमीर बनना चाहता था और इसी गलत सोच ने उसे अपराध की राह पर धकेल दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चोरी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस गिरोह ने अन्य इलाकों में भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने साफ किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद इलाके में एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि नशा और जुए जैसी बुरी आदतें किस तरह युवाओं को अपराध की दुनिया में धकेल रही हैं।











