आसनसोल | पश्चिम बर्धमान
आसाम में आदिवासी समुदाय पर हो रहे कथित हमलों और अत्याचारों के विरोध में शुक्रवार को आसनसोल में आदिवासी समाज की ओर से जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग सड़कों पर उतरे और शांतिपूर्ण रैली निकालकर अपना आक्रोश जाहिर किया। इस दौरान प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
आदिवासी समाज के सदस्य आसनसोल स्थित रवींद्र भवन से रैली के रूप में निकले। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जिला शासक कार्यालय पहुंची। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारी आसाम में जारी आदिवासी आंदोलन के समर्थन में और वहां हो रहे हमलों के खिलाफ नारे लगाते नजर आए।
📜 राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
जिला शासक कार्यालय पहुंचने के बाद आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने एक लिखित ज्ञापन जिला शासक को सौंपा, जो राष्ट्रपति के नाम संबोधित था। ज्ञापन में आसाम में आदिवासी समुदाय पर हो रहे हमलों, कथित दमन और मानवाधिकार उल्लंघन पर गहरी चिंता जताई गई। साथ ही केंद्र सरकार से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर आदिवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
✊ शांतिपूर्ण आंदोलन, लेकिन कड़ा संदेश
प्रदर्शन में शामिल आदिवासी समाज के लोगों ने कहा कि आसाम में उनके समाज के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है और उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन वे किसी भी तरह के अत्याचार के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे।
आदिवासी समाज के नेताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन सिर्फ आसनसोल या पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के आदिवासी समाज की आवाज है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आसाम में हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोगों की भागीदारी के साथ यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन इसने प्रशासन और सरकार को एक स्पष्ट संदेश दे दिया है।











