कालना: उम्र सिर्फ एक संख्या है! इसे साबित कर रहे हैं पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले के कालना निवासी 74 वर्षीय कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभात दास। महाकुंभ में शाही स्नान करने के बाद अब वह पंजाब में किसानों के आंदोलन से जुड़ने के लिए निकल पड़े हैं। उनकी साइकिल पर कांग्रेस का झंडा लहरा रहा है और उनके साथ है समाज सेवा का संदेश।

🚴 महाकुंभ के जरिए किसानों के आंदोलन में भाग लेने का संकल्प!
22 जनवरी को कालना से रवाना हुए प्रभात दास शनिवार को पश्चिम बर्धमान के आसनसोल पहुंचे। वहां दक्षिणा काली मंदिर में रात बिताने के बाद, रविवार सुबह उन्होंने फिर से यात्रा शुरू की। अब वह झारखंड सीमा के डूबुर्डीही चेकपोस्ट को पार कर राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के जरिए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
🔥 किसानों की मांगों के समर्थन में पंजाब की ओर बढ़ते कदम!

महाकुंभ में 26 फरवरी को शाही स्नान करने के बाद वह पंजाब पहुंचेंगे। उनका उद्देश्य साफ है— किसानों के संघर्ष में शामिल होना। वह पश्चिम बंगाल के किसानों की वास्तविक स्थिति और उनकी परेशानियों को आंदोलनकारी किसानों तक पहुंचाना चाहते हैं। उनका मानना है कि भारतीय किसान आंदोलन सिर्फ अन्नदाताओं की लड़ाई नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई भी है।

🛤️ राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का भी हिस्सा रहे, अब महाकुंभ से पंजाब की ओर!
प्रभात दास पहले भी कई ऐतिहासिक पदयात्राओं का हिस्सा रह चुके हैं। वह राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में कोहिमा से किशनगंज तक पदयात्रा कर चुके हैं। हालांकि, पारिवारिक कारणों से वह मुंबई तक नहीं जा सके थे। अब महाकुंभ और किसान आंदोलन के जरिए वह अपनी अधूरी इच्छा को पूरा करना चाहते हैं।

🌍 समाज सेवा और सूचना के अधिकार के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश
प्रभात दास सिर्फ एक राजनीतिक कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि एक सक्रिय समाजसेवी भी हैं। वह किसानों के हक और समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए एक गैर-सरकारी संगठन से भी जुड़े हुए हैं। उनका मानना है कि भारत की स्वतंत्रता और सूचना के अधिकार कानून की रक्षा के लिए जन जागरूकता बेहद जरूरी है। इसलिए वह साइकिल यात्रा के जरिए लोगों तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं।













