पीएमओ फर्जी कर्मी मामले में रोहित नोनिया के दोनों दामाद गिरफ्तार, बिहार तक पहुंची जांच
आसनसोल: प्रधानमंत्री कार्यालय यानी पीएमओ के नाम पर कथित फर्जी अधिकारी बनकर प्रभाव जमाने और राजनीतिक दबाव बनाने से जुड़े मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। जांच की आंच अब आसनसोल के धेमोमेन से निकलकर कोलकाता, हावड़ा और बिहार तक पहुंचने की बात सामने आ रही है। इसी क्रम में धेमोमेन कोलियरी इलाके के प्रभावशाली नेता रोहित नोनिया के दोनों दामादों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पहले बड़े दामाद अभिजीत महतो की गिरफ्तारी हुई और उसके बाद छोटे दामाद आनंद कांत को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया।
मामले में पुलिस अब कथित फर्जीवाड़े से जुड़े संपर्कों, पैसों के लेन-देन और अलग-अलग शहरों में मौजूद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति की भूमिका को अंतिम रूप से दोषी नहीं माना जा सकता।
पहले हुई थी आकांक्षा की गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, इस मामले की जांच के दौरान सबसे पहले आकांक्षा नाम की एक महिला को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों और कथित तौर पर मिली निशानदेही के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।
इसी क्रम में पुलिस का ध्यान उन लोगों तक पहुंचा, जिनके बारे में कथित तौर पर फर्जी पीएमओ पहचान और प्रभाव के इस्तेमाल से जुड़े संपर्क होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद रोहित नोनिया के बड़े दामाद अभिजीत महतो की गिरफ्तारी की गई।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क था और कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया।
कोलकाता से अभिजीत महतो की गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, अभिजीत महतो को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने कथित नेटवर्क के दूसरे लोगों की गतिविधियों की भी पड़ताल शुरू की।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कथित तौर पर पीएमओ से जुड़े अधिकारी या कर्मचारी होने का प्रभाव दिखाकर किन लोगों से संपर्क किया गया था और इसका इस्तेमाल किस तरह किया गया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं इस पहचान के जरिए प्रशासनिक या राजनीतिक स्तर पर किसी तरह का दबाव बनाने की कोशिश तो नहीं हुई।
छोटे दामाद आनंद कांत भी गिरफ्तार
इसके बाद रोहित नोनिया के छोटे दामाद आनंद कांत की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई। बताया जा रहा है कि आनंद कांत को कोलकाता से गिरफ्तार करने के बाद हावड़ा जिला पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया।
रिमांड के दौरान पुलिस उससे कथित फर्जीवाड़े से जुड़े संपर्कों, दस्तावेजों, फोन कॉल, आर्थिक लेन-देन और अन्य लोगों की भूमिका के बारे में पूछताछ कर सकती है। जांचकर्ताओं की कोशिश यह समझने की है कि पूरे मामले में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी और कथित नेटवर्क किस तरह संचालित हो रहा था।
राहुल इंटरप्राइजेज से भी जुड़ाव की जांच
रिपोर्टों के अनुसार, आनंद कांत एक स्थानीय कार्यालय से जुड़े कारोबार का संचालन करता है और राहुल इंटरप्राइजेज का निदेशक भी बताया जाता है। इसी वजह से पुलिस अब कारोबारी गतिविधियों और कथित फर्जी पीएमओ मामले के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि कारोबार से जुड़े किसी कार्यालय, दस्तावेज या आर्थिक लेन-देन का इस्तेमाल कथित फर्जी पहचान से जुड़े कामों में तो नहीं हुआ। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पैसों के लेन-देन पर भी पुलिस की नजर
इस मामले में कथित तौर पर दी गई रकम और उसके स्रोत की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम की व्यवस्था किसने की, कितनी राशि का लेन-देन हुआ और पैसा किस माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा।
जांच में बैंक खातों, डिजिटल भुगतान, कारोबारी लेन-देन और अन्य आर्थिक गतिविधियों की पड़ताल किए जाने की संभावना है। यदि किसी आर्थिक लेन-देन का संबंध मामले से मिलता है तो उससे कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिल सकती है।
दिल्ली से नवान्न और आसनसोल तक जांच
मामले की जांच का दायरा केवल आसनसोल तक सीमित नहीं रहने की बात सामने आ रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच की कड़ियां दिल्ली स्थित पीएमओ से लेकर पश्चिम बंगाल के नवान्न, कोलकाता और आसनसोल तक जोड़ी जा रही हैं।
इसी वजह से पुलिस अलग-अलग स्थानों पर मौजूद संदिग्ध संपर्कों और कथित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। बिहार में भी छापेमारी जारी होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, बिहार में किन स्थानों पर कार्रवाई हुई और वहां से क्या बरामद हुआ, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
बिहार तक पहुंची कार्रवाई से बढ़ी चर्चा
जांच के बिहार तक पहुंचने की खबर के बाद मामले को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। पुलिस कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। यदि पूछताछ के दौरान नए नाम सामने आते हैं तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कथित फर्जी पहचान के पूरे नेटवर्क और उसके पीछे मौजूद आर्थिक तथा राजनीतिक संपर्कों की पुष्टि करना है।
आगे क्या होगा?
रोहित नोनिया के दोनों दामादों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सबकी नजर है। पुलिस की पूछताछ से कथित फर्जी पीएमओ कर्मी मामले में नई कड़ियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, सोशल मीडिया या सूत्रों के आधार पर सामने आए आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। अभिजीत महतो और आनंद कांत के खिलाफ लगाए गए आरोपों की वास्तविकता अदालत और जांच प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगी। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और दिल्ली, कोलकाता, आसनसोल से लेकर बिहार तक संभावित संपर्कों की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या महत्वपूर्ण खुलासे होते हैं या नहीं, यह जांच की अगली कार्रवाई से स्पष्ट होगा।




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