पांडेश्वर: पांडेश्वर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक टकराव अब शहीदों की स्मृति तक पहुंच गया है। शनिवार को पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों की याद में बने स्मारक पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे पूर्व विधायक और भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी को स्मारक का मुख्य गेट बंद मिला।
घटना के बाद उन्होंने वर्तमान विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती पर गंभीर आरोप लगाए। तिवारी ने कहा कि अब अमर शहीदों के नाम पर भी राजनीति की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका दावा है कि वे अपने समर्थकों के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे, लेकिन स्मारक का गेट पहले से ही बंद कर दिया गया था।
पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि यह शहीद स्मारक उनके कार्यकाल के दौरान बनवाया गया था, ताकि क्षेत्र के लोग देश के वीर जवानों को सम्मान दे सकें। उन्होंने जनता से सवाल किया कि क्या शहीदों को श्रद्धांजलि देने से भी रोका जाएगा? साथ ही लोगों से अपील की कि वे ऐसे व्यवहार करने वालों के बारे में स्वयं निर्णय लें।
इस घटना के बाद पांडेश्वर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया, जबकि दूसरी ओर तृणमूल समर्थकों का कहना है कि इस मामले को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना के समय क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बनी, हालांकि प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया।
अब यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि शहीदों की स्मृति और सम्मान से जुड़ा विषय जनता की भावनाओं से सीधे जुड़ा होता है।











