35 साल से भारत में बसी फराह की जिद- ‘अब यही मेरा घर है’

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मुजफ्फरपुर, बिहार: पाकिस्तान से वीजा पर आईं फराह जहां बीते 35 वर्षों से भारत में रह रही हैं और अब वह भारत को छोड़ने के सरकारी आदेश के बावजूद यहीं रहने का संकल्प लेकर खड़ी हैं। फराह के पति यूसुफ हन्फी ने साफ शब्दों में कहा, “फराह भारत नहीं छोड़ेगी। यही उसका घर है, यही उसका परिवार।”

आतंकवादी हमले के बाद बढ़ा दबाव, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के नागरिकों पर सख्त कदम उठाया है। सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने का आदेश जारी किया गया है। इस फैसले का असर उन लोगों पर भी पड़ा है जो वर्षों से भारत में बसे हैं।

फराह जहां की जिद: “भारत मेरा घर है, बच्चों के साथ यहीं रहूंगी”

फराह ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर रखा है और उनकी उम्मीदें अब भारत सरकार पर टिकी हैं। उनके पति यूसुफ ने बताया कि फराह को कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है और वह दीर्घकालीन वीजा पर भारत में रह रही हैं, जो 2 दिसंबर 2025 तक वैध है।
उनके तीन बच्चे भारतीय नागरिक हैं और परिवार पूरी तरह से मुजफ्फरपुर में ही बसा हुआ है।

फराह के नागरिकता आवेदन पर क्या है अपडेट?

फराह के भारतीय नागरिकता के आवेदन पर एसएसपी कार्यालय ने डीएम को रिपोर्ट भेज दी है। अब इसपर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। अगर सब कुछ सही रहा तो फराह जल्द ही भारत की नागरिक बन सकती हैं।

वजिहा हयाज की भी वही कहानी

मुजफ्फरपुर के माड़ीपुर क्षेत्र में रहने वाली वजिहा हयाज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वर्ष 2012 में तनवीर से निकाह करने के बाद वजिहा भी दीर्घकालीन वीजा पर भारत में रह रही हैं। उनके भी तीन बच्चे भारतीय नागरिक हैं। तनवीर ने कहा, “निकाह के बाद वजिहा भारत की हो चुकी है, अब वापस पाकिस्तान जाने का सवाल ही नहीं उठता।”

मानवीय पहलू भी जरूरी

केंद्र सरकार के इस सख्त फैसले के बीच ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की भी मांग उठने लगी है। वर्षों से भारत में बसे परिवार, जिनके बच्चे यहीं के नागरिक हैं, उनके लिए विशेष छूट की जरूरत महसूस की जा रही है।

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