आसनसोल (पश्चिम बर्धमान): केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम कोड कानूनों के खिलाफ देशभर में विरोध तेज हो गया है। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने इन श्रम कोड के विरोध में कल देशव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है। औद्योगिक क्षेत्र पश्चिम बर्धमान के आसनसोल-बर्नपुर इलाके में भी इसको लेकर हलचल तेज है।
आज बर्नपुर के स्कोब गेट के पास केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के सदस्यों ने एक सभा आयोजित की। इस दौरान नेताओं ने श्रमिकों और आम लोगों को संबोधित करते हुए हड़ताल के कारणों की विस्तृत जानकारी दी। यूनियन नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चारों श्रम कोड श्रमिकों के हितों के खिलाफ हैं और इससे नौकरी की सुरक्षा, वेतन, काम के घंटे और ट्रेड यूनियन अधिकारों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि श्रमिक संगठनों से व्यापक चर्चा किए बिना इन कानूनों को लागू किया गया है। उनका कहना है कि यह बदलाव बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाला है, जबकि आम मजदूरों की स्थिति कमजोर होगी।
ट्रेड यूनियनों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए है और इसमें देशभर के मजदूर, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के लोग शामिल होंगे।
औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण आसनसोल-बर्नपुर में इस हड़ताल का विशेष प्रभाव देखने को मिल सकता है। खदानों, इस्पात कारखानों और अन्य औद्योगिक इकाइयों में कामकाज प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
अब सबकी निगाहें कल की हड़ताल पर टिकी हैं—क्या यह आंदोलन केंद्र सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर करेगा, या फिर संघर्ष और तेज होगा? आने वाला समय इस टकराव की दिशा तय करेगा।











