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‘बुलाने पर वह अब थोड़ा-थोड़ा जवाब दे रहे हैं’, मुकुल रॉय की सेहत के बारे में दी जानकारी

कोलकाता : शुभ्रांशु रॉय ने दिग्गज राजनीतिक नेता मुकुल रॉय को वेंटिलेशन सपोर्ट से बाहर निकाला है। लेकिन फिलहाल उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है l अब वह कुछ-कुछ प्रतिक्रिया दे रहे हैं l विधायक मुकुल रॉय के बेटे सुभ्रांशु रॉय ने रविवार को अपने पिता की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में यह जानकारी दी l हालांकि, डॉक्टरों ने यह भी कहा कि रविवार सुबह मुकुल रॉय की शारीरिक स्थिति काफी खराब हो गई है l
शुभ्रांशु रॉय ने कहा, डॉक्टरों की निगरानी और सहयोग से मुकुल रॉय की हालत में सुधार हो रहा है। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं, मंत्रियों और पार्टी सहयोगियों ने उनके बारे में पूछताछ की है। शुभ्रांग्शु ने यह भी कहा कि मुकुल रॉय करीब चार दिन बाद कुछ हद तक ठीक हुए हैं l उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं सर्जरी के बाद की तुलना में अब थोड़ा बेहतर हूं। वह ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, लेकिन वेंटिलेशन से बाहर लाया गया है l अब वह बुलाने पर थोड़ा-थोड़ा जवाब दे रहा है। हमें उम्मीद है कि वह बेहतर हो जायेंगे l डॉक्टर बहुत सहयोगी हैं l बताया गया है की उनका गिरने के बाद सिर पर खून का थक्का जम गया था। अब कोई दिक्कत नहीं है l’
बुधवार की रात वह गिर गये थे, उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया l अस्पताल सूत्रों के मुताबिक मुकुल रॉय को लगातार निगरानी में रखा गया है l एक मेडिकल बोर्ड बनाया गया है l हाल ही में 70 साल के हुए है मुकुल रॉय l न्यूरोलॉजिकल बीमारी से पीड़ित थे l वह अपना ज्यादातर समय कांचरापाड़ा स्थित अपने घर में बिताते थे। बुधवार को वह अपने घर के बाथरूम में गिर गये थे l जिससे यादास्त खो गई थी, हालाँकि फिलहाल प्रतिक्रिया दे रहा है। विधायक मुकुल रॉय के बेटे सुभ्रांशु रॉय ने रविवार को अपने पिता की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में यह जानकारी दी l हालांकि, डॉक्टरों ने यह भी कहा कि रविवार सुबह मुकुल रॉय की शारीरिक स्थिति काफी खराब हो गई है l
मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य हैं। हालांकि, 2017 में वह बीजेपी में शामिल हो गए थे । वह बीजेपी के टिकट पर पहले विधायक बने l हालांकि, बाद में मुकुल रॉय ने दावा किया कि वह 2021 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद तृणमूल कांग्रेस में लौट आए हैं। हालांकि, मुकुल रॉय ने बीजेपी का यह विधायक पद नहीं छोड़ा l बंगाल में उनकी तुलना चाणक्य से की जाती है l पार्टी बदलने से पहले तक मुकुल रॉय ममता बनर्जी के काफी करीबी माने जाते थे l उन्हें तृणमूल कमांडर कहा गया l तृणमूल के भीतर यह कहा जाता था कि वह पार्टी के संगठन को अपने हाथ की हथेली से भी बेहतर जानते थे। पार्टी के अधिकांश नेताओं से उनका व्यक्तिगत संपर्क था। दल बदलने के बाद बीजेपी के शीर्ष नेताओं से उनकी नजदीकियां और आत्मीयता देखने लायक थी l वह अमित शाह के करीबी दोस्त थे l हालांकि, बीजेपी ने कभी भी संगठन की जिम्मेदारी मुकुल रॉय के हाथों में नहीं छोड़ी l हालांकि 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिली l हालांकि, विधायक बनने से पहले मुकुल राय सांसद बन गये थे l उन्होंने रेल मंत्री के रूप में भी कार्य किया।

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