आसनसोल/कुलटी:
2026 विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही प्रदेश में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में कुलटी के नियामतपुर में राज्य के मंत्री प्रदीप मजूमदार ने संगठनात्मक बैठक कर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विस्तृत समीक्षा की।
🔹 SIR प्रक्रिया को लेकर बूथ-स्तर की मशीनरी को एक्टिव मोड में रहने का निर्देश
बैठक में मंत्री प्रदीप मजूमदार ने साफ कहा कि इस बार SIR प्रक्रिया बेहद संवेदनशील है और संगठन को—
- हर बूथ पर सक्रिय रहना होगा
- मतदाता सूची अपडेट में किसी भी खामी पर तुरंत रिपोर्ट करनी होगी
- नए मतदाताओं के नाम जुड़वाने में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए
- विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर सतर्क रहना होगा
उन्होंने कहा,
“SIR केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि संगठन मजबूती की रीढ़ है। हर कार्यकर्ता को फील्ड में 100% अलर्ट रहना होगा।”
🔹 कार्यकर्ताओं को दी गई ये खास जिम्मेदारियाँ
मंत्री ने कार्यकर्ताओं को निम्न निर्देश दिए—
- घर-घर संपर्क अभियान बढ़ाएं
- मिसिंग नेम, डुप्लीकेट नेम और गलत पते जैसी त्रुटियों की तुरंत सूचना दें
- वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं की विशेष सहायता टीम बनाएं
- जहां विरोधी दल भ्रम फैला रहे हैं, वहां सत्यापन टीम भेजें
उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व द्वारा हर ब्लॉक में मॉनिटरिंग सेल बनाया जाएगा जो SIR की प्रगति पर रोज़ाना रिपोर्ट लेगा।
🔹 बैठक में नेताओं ने रखे कई सुझाव—जमीनी रिपोर्ट भी साझा
बैठक में उपस्थित नेताओं और बूथ-कमेटी सदस्यों ने—
- SIR के चरणों पर फील्ड की वास्तविक स्थिति
- मतदाता सूची में चल रही समस्याएँ
- संवेदनशील बूथों की रिपोर्ट
- कार्यकर्ताओं की कमी वाले इलाकों की जानकारी
भी साझा की।
कई ने मांग की कि संगठन को “मोबाइल हेल्प टीम” बनानी चाहिए ताकि मतदाताओं को तुरंत सहायता मिल सके।
🔹 चुनावी तैयारियों का संकेत?
बैठक को राजनीतिक विश्लेषक 2026 चुनाव के लिए अर्ली ग्राउंड-वर्क के रूप में देख रहे हैं।
कई स्थानीय नेताओं का कहना है—
“SIR इस बार सिर्फ कागज़ी प्रक्रिया नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति का पहला चरण है।”











