नई दिल्ली/आसनसोल:
एक नेता और श्रमिक समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में आज माननीय कोयला और खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे से शिष्टाचार भेंट कर कोयला और खनन क्षेत्र में कार्यरत मज़दूरों की समस्याओं और उनके समाधान पर सार्थक संवाद किया गया। यह मुलाकात न केवल प्रेरणादायक रही बल्कि श्रमिकों के अधिकार, सुरक्षा और कल्याण को लेकर भविष्य की रणनीति का आधार भी बनी।
🔍 श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों पर हुआ गहन मंथन
बैठक के दौरान कोयला क्षेत्रों में कार्यरत मज़दूरों की कामकाजी परिस्थितियाँ, स्वास्थ्य सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, और भविष्य निधि (PF) जैसी योजनाओं में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। मंत्री श्री दुबे ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया।
📘 एनएफआईटीयू की मासिक पत्रिका भेंट, मंत्री ने की प्रशंसा
बैठक के एक विशेष क्षण में एनएफआईटीयू की मासिक पत्रिका का नवीनतम संस्करण मंत्री को भेंट किया गया। उन्होंने इस पत्रिका की वास्तविक, ज़मीनी मुद्दों को उजागर करने वाली सामग्री की सराहना की और कहा कि,
“ऐसे प्रकाशन श्रमिकों की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच देते हैं।”
🕊️ मानवाधिकार संगठन की पहलों में मंत्री की दिलचस्पी
इसके अतिरिक्त, अखिल भारतीय मानवाधिकार संगठन की श्रम कल्याण से जुड़ी पहलों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने संगठन की निरंतर मानवीय संवेदनाओं के लिए प्रतिबद्धता की सराहना की और आगे सहयोग का संकेत भी दिया।
🤝 भविष्य के सहयोग की बनी संभावनाएं
यह मुलाकात न्याय, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम था। प्रतिनिधि ने कहा,
“मैं अपने समुदाय की आवाज़ उठाने और हमारे साझा लक्ष्य की वकालत करने के इस अवसर के लिए हृदय से आभारी हूँ।”













