700 से ज़्यादा लोगों को चूना लगाने वाला ‘लोन मास्टरमाइंड’ गिरफ़्तार!

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🔥 गरीबों के नाम पर लिया मोबाइल, एसी, फ्रिज – फिर लोग चुकाते रहे EMI

आसनसोल/कुल्टी“लोन दिलाएंगे बिना बैंक झंझट के…” – इस लालच में फंसे सैकड़ों गरीब लोग तब सकते में आ गए जब फाइनेंस कंपनियों ने उनके मोबाइल पर EMI की किश्तें माँगनी शुरू कर दी। सच्चाई सामने आई तो पता चला कि यह सब एक ठग गिरोह का कमाल था, जिसने 700 से अधिक लोगों के नाम पर इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस करवा लिया था।

🎭 मास्टरमाइंड का नाम — टीपू उर्फ़ शहीद अंसारी

नियामतपुर पुलिस ने गिरोह के सरगना टीपू उर्फ शहीद अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है, जो काफी समय से नियामतपुर के मदरसा मोहल्ला में किराए के मकान में रह रहा था। साथ ही पुलिस ने बजाज फाइनेंस के कर्मचारी शुभम केशरी और राजनी निवासी अर्जुन महतो को भी गिरफ्तार किया है। इन तीनों पर तीन FIR दर्ज हैं और जांच जारी है।

💸 ऐसा करते थे ठगी का खेल:

  • टीपू और उसके साथी गरीब महिलाओं और पुरुषों को 20-25 हजार का लोन दिलाने का लालच देते थे।
  • फिर उनसे वोटर ID, आधार, पैन आदि दस्तावेज और फोटो लेकर फाइनेंस कंपनियों में उनके नाम पर मोबाइल फोन, एसी, टीवी, फ्रिज जैसे सामान खरीद लेते थे।
  • लोगों से कहते कि “डाउन पेमेंट हो गया है, अब सामान ले जाओ” – और वही चीज़ें बेचकर पैसे बना लेते थे।

🚨 जब EMI आई मोबाइल पर, तब फूटा भांडा!

कुछ दिन बाद जब लोगों के मोबाइल पर EMI का मैसेज और कॉल्स आने लगे, तो उनके होश उड़ गए। तब उन्हें समझ में आया कि उनके नाम पर बिना उनकी जानकारी के कर्ज लिया गया है। कई पीड़ितों ने क्रोमा इलेक्ट्रॉनिक्स (आसनसोल) के बाहर प्रदर्शन किया।

👮 अब तक का सबसे बड़ा लोन फ्रॉड?

पुलिस जांच में सामने आया है कि 700 से ज्यादा लोगों को इस गिरोह ने निशाना बनाया है। पूरा गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता था – एक ने पीड़ित को फंसाया, दूसरा दस्तावेज़ इकट्ठा करता और तीसरा फाइनेंस करवाकर सामान उड़ा लेता।

🛑 फाइनेंस कंपनियों की लापरवाही भी सवालों के घेरे में!

इस पूरे घटनाक्रम में बजाज फाइनेंस और अन्य कंपनियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है। सवाल उठ रहे हैं कि बिना उचित सत्यापन के लोन कैसे पास हुए? क्या कर्मचारी भी शामिल थे?

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