👉 चुनाव आयोग पर लगाया आम लोगों को परेशान करने का आरोप
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग राज्य में चल रही SIR प्रक्रिया में भाजपा की आईटी सेल के बनाए मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल कर रहा है।
CM बनर्जी ने मंगलवार को साउथ 24 परगना जिले के सागर आइलैंड में कहा कि चुनाव आयोग SIR करने के लिए हर तरह के गलत कदम उठा रहा है। यह एलिजिबल वोटर्स को मरा हुआ बता रहा है और बुजुर्ग और बीमार लोगों को सुनवाई में आने के लिए मजबूर कर रहा है।
बनर्जी ने कहा- लोग SIR में हिस्सा लेते समय सावधान रहें। उन लोगों की मदद करनी चाहिए जिन्हें मदद की जरूरत है। उन्हें मेरा साथ देने की जरूरत नहीं है, सिर्फ उनका साथ दें जो इस काम की वजह से मुश्किल में हैं।
चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका
वहीं पार्टी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है, जिसमें कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में चल रहे SIR को करने के लिए मनमानी और प्रोसेस में गलत कामों का सहारा लिया है। TMC ने आरोप लगाया कि राज्य में चुनाव आयोग के SIR के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। SIR की इस प्रक्रिया ने एलिजिबल और असली वोटर्स की मुश्किलों को काफी बढ़ा दिया है।
ममता बोलीं- चुनाव आयोग वॉट्सऐप पर चलाया जा रहा
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले ममता ने सोमवार को कहा था कि वह राज्य में वोटर लिस्ट के SIR के दौरान हुई मौतों के मामले में कोर्ट जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग वॉट्सऐप पर चलाया जा रहा है।

ममता ने दावा किया कि जब से SIR शुरू हुई है, डर के मारे करीब 70 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अस्पताल में भर्ती हैं। वह सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर नहीं बल्कि एक आम नागरिक के तौर पर पेश होने की अनुमति मांगेगी। कहा- ”जरूरत पड़ने पर मैं सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी और जनता के लिए पैरवी करूंगी। मैं जनता की आवाज बनूंगी। ममता ने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने कानूनी शिक्षा प्राप्त की है।”
ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए कहा, अगर लोगों के अधिकार छीन लिए गए, तो आप भी गायब हो जाएंगे, गायब हो जाइए कुमार।
SIR से 70 लोगों की मौत हो चुकी
ममता ने आरोप लगाया कि गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी SIR के दौरान मतदान केंद्र पर वैधता साबित करने के लिए कतारों में खड़ा किया गया। दो महीनों में लगभग 70 लोगों की मौत हो चुकी है। क्या किसी का दिल नहीं दुखता? अगर आपकी 85 वर्षीय मां को एम्बुलेंस में घसीटा जाए, तो दिल्ली के नेता क्या जवाब देंगे?











