मालदा में SIR के दौरान बवाल: बीएलओ पर हमला, पत्थरबाजी में युवक गंभीर घायल

single balaji

मालदा: पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला मालदा जिले के चंचल थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) पर कथित रूप से हमला किया गया। इस घटना में बीएलओ के भांजे को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें चंचल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंचल ब्लॉक-1 के खरबा ग्राम पंचायत अंतर्गत बूथ संख्या 193 के प्रभारी बीएलओ अनीसुर रहमान अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनसे सुनवाई नोटिस को लेकर विवाद किया। आरोप है कि हमलावरों ने बीएलओ का कॉलर पकड़कर खींचा और उनके साथ मारपीट की।

बीएलओ को बचाने के लिए आगे आए उनके भांजे नूरुल इस्लाम पर पत्थर से हमला किया गया। पत्थर सिर पर लगने से नूरुल इस्लाम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल चंचल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि विवाद उस समय शुरू हुआ, जब एक परिवार को सुनवाई का नोटिस नहीं मिल पाया। आरोप है कि संबंधित परिवार उस क्षेत्र का स्थायी निवासी नहीं था, जिस कारण बीएलओ नोटिस नहीं दे सके थे। इसी बात को लेकर कांग्रेस की पूर्व पंचायत सदस्य सजेदा बेवा और उनके परिजनों ने बीएलओ से नोटिस देने की मांग की। बीएलओ का कहना है कि उन्होंने स्पष्ट किया था कि नोटिस नियमानुसार संबंधित व्यक्ति को ही दिया जाएगा, लेकिन इसी के बाद हमला कर दिया गया।

इस घटना को लेकर चंचल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत के आधार पर कांग्रेस की पूर्व पंचायत सदस्य सजेदा बेवा, उनके भाई रबीउल इस्लाम, पति हुसैन अली और मेहदी हुसैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। हालांकि, सजेदा बेवा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और मारपीट से इनकार किया है।

घटना के सामने आने के बाद जिले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। चंचल तृणमूल ब्लॉक अध्यक्ष शेख अफसर अली ने कहा कि पार्टी बीएलओ के साथ खड़ी है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लगे सरकारी कर्मचारियों पर हमला किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वहीं, कांग्रेस ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि यह घटना गांव के अंदरूनी विवाद से जुड़ी है और इसका SIR या राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। SIR जैसे संवेदनशील लोकतांत्रिक कार्य के दौरान हुई इस घटना ने प्रशासन और चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ghanty

Leave a comment