मालदा कांड पर सियासी तूफान—ममता बोलीं ‘निर्दोषों की गिरफ्तारी’, बीजेपी का पलटवार

single balaji

पश्चिम बंगाल के मालदा में कालियाचक की घटना को लेकर राज्य की राजनीति में जबरदस्त उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि इस मामले में असली आरोपियों को छोड़कर ‘निर्दोष’ लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

⚡ आयोग पर निशाना, ‘बाहरी तत्व’ की थ्योरी

ममता बनर्जी ने चुनावी सभाओं के दौरान बिना नाम लिए चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
👉 उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन आयोग के नियंत्रण में है, फिर भी गलत लोगों को पकड़ा जा रहा है
👉 साथ ही ‘बाहरी तत्वों’ की साजिश का आरोप दोहराया

उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा—
👉 “कहीं कालियाचक जैसी घटना दोबारा न हो”
👉 “बाहर से आने वाले संदिग्ध लोगों पर नजर रखें”

🧨 कालियाचक में क्या हुआ?

मालदा के मोथाबाड़ी क्षेत्र के कालियाचक-2 ब्लॉक कार्यालय में न्यायाधीशों के घेराव और हंगामे की घटना ने पूरे राज्य को हिला दिया।
👉 मतदाता सूची विवाद को लेकर यह बवाल हुआ
👉 अब तक 37 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है

इस बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।

🚨 “निर्दोषों को क्यों पकड़ा जा रहा?”—ममता का सवाल

मानिकचक की सभा से ममता बनर्जी ने कहा—
👉 “जिन्होंने अपराध किया, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा”
👉 “निर्दोष लोगों को पकड़ना बंद होना चाहिए”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एनआईए के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों को उठाया जा रहा है।

🔥 बीजेपी का पलटवार—‘तृणमूल करीबी आरोपी’

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने ममता सरकार पर तीखा हमला बोला है।

राज्य बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने दावा किया—
👉 गिरफ्तार आरोपी तृणमूल के करीबी हैं
👉 यह पूरी घटना “तृणमूल की सोची-समझी साजिश” है

उन्होंने कहा—
👉 “सरकारी कर्मचारियों और न्यायाधीशों पर हमला हुआ और उसी में तृणमूल की भूमिका है”

🧩 मुख्य आरोपी को लेकर सियासत

इस मामले में मुख्य आरोपी मोफक्केरुल इस्लाम की गिरफ्तारी के बाद विवाद और गहरा गया है।

👉 बताया जा रहा है कि वह पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी से चुनाव लड़ चुके हैं
👉 तृणमूल इसे ‘बाहरी कनेक्शन’ बता रही है

वहीं कुछ वायरल तस्वीरों के आधार पर उनके ‘तृणमूल से करीबी’ होने का दावा भी किया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

📊 क्या है पूरा विवाद?

  • मतदाता सूची से नाम हटने को लेकर विवाद
  • न्यायाधीशों का घेराव और हंगामा
  • बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां
  • राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप

इन सबके बीच जांच की दिशा पर भी सवाल उठ रहे हैं।

🔍 NIA जांच में क्या हो रहा?

एनआईए की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर—
👉 अधिकारियों से पूछताछ कर रही है
👉 न्यायाधीशों से बातचीत की है
👉 ब्लॉक कार्यालय, थाने और एसपी ऑफिस से जानकारी जुटाई

प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

🧨 निष्कर्ष: सियासत बनाम सच्चाई

मालदा कांड अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।

👉 एक तरफ ममता बनर्जी ‘निर्दोषों की गिरफ्तारी’ का आरोप लगा रही हैं
👉 दूसरी तरफ बीजेपी इसे ‘तृणमूल की साजिश’ बता रही है

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या जांच से सच सामने आएगा या सियासी आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामला उलझता रहेगा?

prashenjit puitundi
ghanty

Leave a comment