— “भूख किसी की मजबूरी न रहे, भोजन सबका अधिकार बने” — इस संकल्प को साकार करते हुए आसनसोल नगर निगम के 21 नंबर वार्ड अंतर्गत गोविंदपुर इलाके में बुधवार को ‘माँ कैंटीन’ की शुरुआत की गई।
इस जनकल्याणकारी योजना के तहत हर दिन 300 जरूरतमंदों को मात्र ₹5 में पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
🍛 भोजन नहीं, सम्मान परोसा जा रहा है
इस ‘माँ कैंटीन’ का उद्देश्य केवल भोजन देना नहीं, बल्कि गरीबों को गरिमा के साथ जीने का अवसर देना है। उद्घाटन समारोह में नगर निगम के मेयर श्री विधान उपाध्याय और स्थानीय पार्षद सरवानी मंडल विशेष रूप से मौजूद रहे।
मेयर ने कहा:
“मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की यह योजना आज राज्य में भूख के खिलाफ सबसे बड़ी लड़ाई बन चुकी है। ₹5 में भोजन देना केवल योजना नहीं, यह बंगाल की संवेदना है।”
🥗 मेन्यू में पोषण, माहौल में सम्मान
कैंटीन में रोज़ाना शाकाहारी थाली परोसी जाएगी जिसमें चावल, दाल, सब्ज़ी और अचार शामिल होंगे। साफ-सफाई और पोषण का पूरा ध्यान रखा गया है। यह व्यवस्था न सिर्फ भूख मिटाएगी, बल्कि गरीबों को आत्मसम्मान से जीने की प्रेरणा भी देगी।
👏 जनता का समर्थन, प्रशासन का संकल्प
स्थानीय लोगों ने इस पहल का हाथ जोड़कर स्वागत किया। बुजुर्ग, श्रमिक, रिक्शा चालक, फुटपाथ दुकानदार और महिलाएं—सभी ने इस कैंटीन को “जीवनदायिनी योजना” बताया।
सरवानी मंडल ने कहा कि वार्ड में और भी जरूरतमंद इलाकों में इस योजना का विस्तार करने का लक्ष्य है।
🙏 माँ के नाम पर भोजन, राज्य की ममता से प्रेरित
‘माँ कैंटीन’ नाम अपने आप में ही एक भावनात्मक जुड़ाव और सुरक्षा का एहसास देता है। यह योजना न केवल पेट भरती है, बल्कि दिल को भी छू जाती है।













