नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण भारत में LPG गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। देश के कई हिस्सों में कमर्शियल LPG की कमी देखने को मिल रही है, जिसका सीधा असर होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ा है। कई जगहों पर रेस्टोरेंट मालिकों को मेन्यू में कटौती करनी पड़ी है, जबकि कुछ स्थानों पर गैस की कमी के कारण पारंपरिक कोयले के चूल्हे फिर से इस्तेमाल होने लगे हैं।
हालांकि इसी बीच राहत की खबर भी सामने आई है। खाड़ी देशों से LPG लेकर आ रहे दो भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं और अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
भारत आ रहे हैं हजारों टन LPG से भरे जहाज
शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नाम के दो जहाज लगभग 92,700 टन LPG लेकर भारत आ रहे हैं।
- ‘शिवालिक’ जहाज 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंच सकता है
- ‘नंदा देवी’ जहाज 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इन जहाजों के पहुंचने से गैस सप्लाई में कुछ राहत मिल सकती है और बाजार में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है।
होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ा असर
कमर्शियल LPG की सीमित सप्लाई का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ा है। दिल्ली के कनॉट प्लेस जैसे बड़े कारोबारी इलाकों में कई रेस्टोरेंट मालिकों ने बड़ी पार्टियों और इवेंट्स की बुकिंग फिलहाल रोक दी है।
दिल्ली के एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट ‘फ्लेवर्स ऑफ चाइना’ की मालकिन परमजीत कौर ने बताया कि गैस बचाने के लिए रेस्टोरेंट का मेन्यू छोटा कर दिया गया है। कुछ व्यंजन, खासकर सिजलर्स, फिलहाल बंद कर दिए गए हैं क्योंकि उन्हें लगातार तेज आंच की जरूरत होती है।
कई शहरों में इंडक्शन स्टोव का इस्तेमाल
गैस की कमी से निपटने के लिए कई राज्यों में रेस्टोरेंट वैकल्पिक उपाय अपना रहे हैं। चेन्नई और तमिलनाडु के कई हिस्सों में रेस्टोरेंट अब इंडक्शन स्टोव पर खाना बना रहे हैं।
स्थिति को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घोषणा की है कि जो होटल, रेस्टोरेंट और चाय की दुकानें इलेक्ट्रिक स्टोव का इस्तेमाल करेंगी उन्हें प्रति यूनिट बिजली पर 2 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।
कोयले की मांग में अचानक बढ़ोतरी
गैस की कमी के कारण राजस्थान सहित कई राज्यों में कोयले की मांग तेजी से बढ़ गई है। कई छोटे ढाबे और भोजनालय अब कोयले से चलने वाली भट्टियों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कोयला व्यापारी दीपक खंडेलवाल के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में कोयले की मांग अचानक बढ़ गई है क्योंकि कमर्शियल LPG सिलेंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं।
सरकार ने तय की सिलेंडर बिक्री की सीमा
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने कमर्शियल LPG सिलेंडरों की दैनिक बिक्री पर सीमा तय कर दी है। अब शहर में प्रतिदिन औसत खपत के लगभग 20 प्रतिशत सिलेंडर ही वितरित किए जाएंगे।
सामान्य तौर पर दिल्ली में रोजाना करीब 9,000 कमर्शियल LPG सिलेंडर बिकते हैं, लेकिन फिलहाल लगभग 1,800 सिलेंडर ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कालाबाजारी के खिलाफ देशभर में कार्रवाई
सरकार ने गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में विशेष अभियान शुरू किया है।
- कर्नाटक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 316 घरेलू LPG सिलेंडर जब्त किए
- कोलार जिले के केजीएफ क्षेत्र में अवैध सिलेंडर रीफिलिंग के मामले में केस दर्ज किया गया
- उत्तर प्रदेश में 1,483 स्थानों पर छापेमारी की गई और 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 24 FIR दर्ज हुईं
धार्मिक स्थलों पर भी असर
LPG की कमी का असर धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई देने लगा है। वाराणसी के अन्नपूर्णा मंदिर में प्रसाद वितरण प्रभावित हुआ है।
मंदिर के महंत शंकर गिरि महाराज के अनुसार, पहले रोजाना 20,000 से 25,000 भक्तों को प्रसाद दिया जाता था, लेकिन गैस की कमी के कारण अब यह संख्या घटकर लगभग 3,000 रह गई है।
बेलूर मठ बना उदाहरण
इस बीच पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित बेलूर मठ एक अलग मिसाल पेश कर रहा है। यहां भोजन बनाने के लिए बायोगैस और सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाता है।
मठ के एक वरिष्ठ भिक्षु के अनुसार, गौशाला से निकलने वाले जैविक कचरे से बायोगैस तैयार की जाती है, जिससे रसोई का बड़ा हिस्सा चलाया जाता है। इसके अलावा परिसर में लगे सोलर सिस्टम से पानी गर्म करने और अन्य बिजली से जुड़े काम किए जाते हैं।
आगे क्या हो सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहता है तो LPG सप्लाई पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि भारत सरकार वैकल्पिक स्रोतों और नए आयात समझौतों के जरिए गैस आपूर्ति को स्थिर रखने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल सभी की नजर उन जहाजों पर टिकी है जो हजारों टन LPG लेकर भारत पहुंचने वाले हैं। इनके आने से उम्मीद है कि देश में गैस की कमी की स्थिति जल्द सामान्य हो सकती है।














