आसनसोल:
फॉर्म-7 जमा को लेकर चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच अब वामफ्रंट भी खुलकर सड़कों पर उतर आया है। इससे पहले इसी मुद्दे को लेकर आसनसोल में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच तीखी झड़प और मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। दोनों दलों की ओर से लगातार प्रतिवाद रैलियों और प्रदर्शन का दौर चल रहा था।
इसी क्रम में गुरुवार को वामफ्रंट की ओर से आसनसोल में एक विशाल पदयात्रा और प्रतिवाद रैली का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा शहर के प्रमुख बीएनआर मोड़ से शुरू होकर एसडीएम कार्यालय तक पहुंची। रैली के दौरान बड़ी संख्या में वामपंथी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने जोरदार नारेबाजी के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान वामफ्रंट नेताओं ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को सीधे निशाने पर लिया। उनका कहना था कि फॉर्म-7 जमा करने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसके कारण आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वामपंथी नेताओं का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और मतदाता सूची से नाम हटाने या जोड़ने में मनमानी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रक्रिया में सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के समापन पर वामफ्रंट के प्रतिनिधिमंडल ने महकमा शासक (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत सही तरीके से लागू करने, फॉर्म-7 से जुड़ी खामियों को दूर करने और आम जनता को सुचारु व निष्पक्ष सेवा देने की मांग की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फॉर्म-7 को लेकर बढ़ता विवाद आने वाले दिनों में आसनसोल की राजनीति को और गरमा सकता है, खासकर चुनावी माहौल में यह मुद्दा बड़ा राजनीतिक हथियार बनता नजर आ रहा है।











