Friday, 23 October 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
चुनाव आयोग में कामकाज के बंटवारे पर उठे सवाल, आरटीआई दस्तावेजों से सामने आई दो चुनाव आयुक्तों की शिकायत कोलकाता एयरपोर्ट के महिला वॉशरूम में बम की धमकी, टिश्यू पेपर पर लिखा संदेश मिलने से मचा हड़कंप दुर्गापुर के दामोदर घाट पर आधुनिक हाइड्रोलिक तकनीक से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन, लोगों का खींचा ध्यान उखड़ा बाजार में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, फुचका का मसाला और घुघनी खाने योग्य नहीं मिलने पर फेंके गए आसनसोल-बर्नपुर में महावीर अखाड़े की तैयारी तेज, पगड़ी वितरण के बाद खिलाड़ियों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब स्मार्टफोन के दौर में गुम होती जा रही पोस्टकार्ड की परंपरा, चिट्ठियों की यादें आज भी हैं ताजा चुनाव आयोग में कामकाज के बंटवारे पर उठे सवाल, आरटीआई दस्तावेजों से सामने आई दो चुनाव आयुक्तों की शिकायत कोलकाता एयरपोर्ट के महिला वॉशरूम में बम की धमकी, टिश्यू पेपर पर लिखा संदेश मिलने से मचा हड़कंप दुर्गापुर के दामोदर घाट पर आधुनिक हाइड्रोलिक तकनीक से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन, लोगों का खींचा ध्यान उखड़ा बाजार में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, फुचका का मसाला और घुघनी खाने योग्य नहीं मिलने पर फेंके गए आसनसोल-बर्नपुर में महावीर अखाड़े की तैयारी तेज, पगड़ी वितरण के बाद खिलाड़ियों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब स्मार्टफोन के दौर में गुम होती जा रही पोस्टकार्ड की परंपरा, चिट्ठियों की यादें आज भी हैं ताजा
आसनसोल-दुर्गापुर

कुल्टी के हरिजन पाड़ा में साइबर क्राइम पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 6 हिरासत में

Moutushi · 7 September 2026, 12:46 PM

कुल्टी: पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के कुल्टी थाना क्षेत्र के नियामतपुर हरिजन पाड़ा इलाके में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस और साइबर क्राइम विभाग की टीम ने कथित साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया। सुबह से ही इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी देखी गई। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आरएएफ और कॉम्बैट फोर्स के जवानों को भी तैनात किया गया था। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार, पुलिस और साइबर क्राइम विभाग की कई टीमें एक साथ इलाके में पहुंचीं और अलग-अलग घरों में तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क सहित अन्य डिजिटल उपकरण शामिल बताए जा रहे हैं। इन उपकरणों को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल किसी कथित साइबर अपराध में किया गया था या नहीं।

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका और उनके खिलाफ लगाए जाने वाले संभावित आरोपों को लेकर अभी पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हिरासत में लिए गए सभी लोग कथित नेटवर्क में सीधे तौर पर शामिल थे या उनसे पूछताछ के जरिए पुलिस किसी बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

कई घरों में एक साथ तलाशी से बढ़ी हलचल

पुलिस की कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यह रहा कि इलाके के कई घरों में एक साथ तलाशी ली गई। स्थानीय स्तर पर यह भी जानकारी सामने आई है कि कुछ ऐसे घरों की भी तलाशी ली गई, जो उस समय बंद थे। कुछ स्थानों पर कथित तौर पर घरों के ताले तोड़कर अंदर जाकर तलाशी लिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।

इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के कारण स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता और चिंता का माहौल देखा गया। पुलिस ने अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा, ताकि तलाशी अभियान में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो। आरएएफ और कॉम्बैट फोर्स की मौजूदगी से भी साफ है कि पुलिस ने कार्रवाई को पूरी तैयारी के साथ अंजाम दिया।

मोबाइल, लैपटॉप और हार्ड डिस्क की जांच पर नजर

साइबर अपराध से जुड़े मामलों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। पुलिस द्वारा बरामद किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप और हार्ड डिस्क की तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनमें किस तरह की जानकारी मौजूद है और उनका कथित साइबर गतिविधियों से कोई संबंध है या नहीं।

जांच एजेंसियां आम तौर पर ऐसे मामलों में डिजिटल उपकरणों से प्राप्त जानकारी, संपर्कों, लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच करती हैं। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने बरामद उपकरणों से क्या जानकारी मिली है, इस संबंध में फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

घरों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी जांच के दायरे में

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हरिजन पाड़ा इलाके के कई घरों में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। ऐसे में पुलिस की जांच के दौरान इन कैमरों से प्राप्त फुटेज भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि संबंधित इलाकों में किन लोगों की आवाजाही रही और पुलिस के अभियान से पहले या बाद में कोई संदिग्ध गतिविधि हुई थी या नहीं।

यदि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से आपस में जुड़ी कोई जानकारी मिलती है, तो जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इन सभी पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

क्या किसी बड़े साइबर नेटवर्क तक पहुंचेगी जांच?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नियामतपुर हरिजन पाड़ा में हुई यह कार्रवाई किसी बड़े साइबर अपराध नेटवर्क तक पहुंचने की शुरुआत है। छह लोगों को हिरासत में लिए जाने और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद होने के बाद यह संभावना जरूर जताई जा रही है कि पुलिस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।

साइबर अपराध का नेटवर्क अक्सर अलग-अलग स्थानों और अलग-अलग लोगों के माध्यम से संचालित होने का आरोप सामने आता रहा है। ऐसे मामलों में पुलिस के लिए केवल संदिग्धों से पूछताछ ही नहीं, बल्कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। एक मोबाइल फोन, लैपटॉप या हार्ड डिस्क से मिलने वाली जानकारी जांच की दिशा बदल सकती है।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हिरासत में लिए गए लोगों की आपस में क्या भूमिका है, बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरण किसके हैं और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था। साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि यदि कोई साइबर अपराध हुआ है तो उससे कितने लोग प्रभावित हुए और कथित गतिविधियों का दायरा कितना बड़ा है।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

कुल्टी के नियामतपुर हरिजन पाड़ा में हुई इस कार्रवाई ने इलाके में साइबर अपराध को लेकर चर्चा तेज कर दी है। पुलिस और साइबर क्राइम विभाग की टीमों ने जिस स्तर पर तलाशी अभियान चलाया है, उससे साफ है कि जांच एजेंसियां मामले को गंभीरता से ले रही हैं।

हालांकि, अभी तक बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की विस्तृत तकनीकी जांच और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ पूरी नहीं हुई है। इसलिए इस समय किसी व्यक्ति को साइबर अपराध में दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

फिलहाल नियामतपुर हरिजन पाड़ा में पुलिस की जांच जारी है। आने वाले समय में पूछताछ, डिजिटल उपकरणों की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में और नाम सामने आने या कथित साइबर नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होने की संभावना है। अब सभी की नजर पुलिस की आधिकारिक जानकारी और जांच की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Advertisement