रात के अंधेरे में कृष्णा प्रसाद के घर पहुंची पुलिस, मामला गरमाया

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आसनसोल:
आसनसोल नगर निगम के वार्ड नंबर 13 में कंबल वितरण के दौरान आदिवासी महिलाओं को धमकी देने और छेड़खानी के आरोपों को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इसी सिलसिले में मंगलवार रात अचानक पुलिस की टीम आसनसोल के समाजसेवी एवं भाजपा नेता कृष्णा प्रसाद के आवास पर पहुंची, जिससे इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई।

रात के समय पुलिस के पहुंचने की खबर फैलते ही समर्थकों और स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल बन गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद कृष्णा प्रसाद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइव आकर अपनी प्रतिक्रिया दी और पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।

🗣️ “मैंने कोई गलत काम नहीं किया” – कृष्णा प्रसाद

लाइव वीडियो के दौरान कृष्णा प्रसाद ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने कोई भी गैरकानूनी या अनैतिक कार्य नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से समाज सेवा से जुड़े हैं और जरूरतमंदों की मदद करना उनका उद्देश्य रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि जितना संभव होता है, वे जनता जनार्दन की सेवा करने का प्रयास करते हैं और आगे भी यह कार्य जारी रहेगा।

🚨 राजनीतिक साजिश का आरोप

कृष्णा प्रसाद ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं के इशारे पर उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें डराने और दबाव बनाने के उद्देश्य से रात के समय पुलिस को उनके घर भेजा गया।
उन्होंने दो टूक कहा कि वे इस तरह की कार्रवाइयों से डरने वाले नहीं हैं और समाज सेवा के अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेंगे।

⚖️ “फैसला जनता और न्यायालय करेगा”

भाजपा नेता ने कहा कि इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय जनता जनार्दन और माननीय न्यायालय करेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि कोर्ट जो भी फैसला देगा, वह उसे पूरी तरह स्वीकार करेंगे।
साथ ही उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से इस मामले का डटकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की अपील की।

⚡ बिजली कटौती पर भी साधा निशाना

इस दौरान कृष्णा प्रसाद ने श्रीपुर–सतग्राम क्षेत्र में दिन के समय बिजली कटौती को लेकर ईसीएल (ECL) की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस समय माध्यमिक परीक्षाएं चल रही हैं और ऐसे संवेदनशील समय में बिजली काटना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने मांग की कि परीक्षा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और भी गर्मा सकता है और इसका असर स्थानीय राजनीति पर साफ दिखाई देगा।

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