चुरुलिया में काज़ी नज़रुल की धरोहर सुरक्षित, उपयोग की वस्तुएं स्थानांतरित

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जामुड़िया:
जामुड़िया थाना क्षेत्र के अंतर्गत चुरुलिया में राष्ट्रकवि काज़ी नज़रुल इस्लाम द्वारा उपयोग में लाई गई ऐतिहासिक वस्तुओं को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इन स्मृतिचिह्नों को उनके पुराने स्थान से लगभग 200 मीटर दूर पश्चिम बंगाल सरकार के युवा कल्याण विभाग के अधीन संचालित नज़रुल युवा आवास में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया बुधवार को पूरी कर ली गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चुरुलिया स्थित नज़रुल कवि कक्ष में रखी गई कवि की दैनिक जीवन से जुड़ी उपयोगी वस्तुओं को आज अंतिम चरण में स्थानांतरित किया गया। सुबह से ही भारी पुलिस सुरक्षा के बीच यह कार्य संपन्न हुआ। पूरे इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

इस ऐतिहासिक प्रक्रिया को नज़रुल विश्वविद्यालय के कुलपति की उपस्थिति में पूरा किया गया। मौके पर काज़ी नज़रुल इस्लाम के परिवार की सदस्य सोनाली काज़ी भी मौजूद रहीं। उन्होंने इस पहल को कवि की धरोहर को संरक्षित रखने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया।

सूत्रों के अनुसार, नज़रुल युवा आवास में इन सभी वस्तुओं को आधुनिक संरक्षण तकनीकों के साथ सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां राष्ट्रकवि के जीवन, विचारधारा और साहित्यिक योगदान को नजदीक से समझ सकें। स्थानीय लोगों और नज़रुल प्रेमियों ने भी इस कदम का स्वागत किया है और इसे चुरुलिया के सांस्कृतिक गौरव से जोड़ा है।

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