आसनसोल/जामुड़िया : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी बीच जामुड़िया से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक आईएसएफ (इंडियन सेक्युलर फ्रंट) कार्यकर्ता पर जानलेवा हमला किया गया।
👉 इस हमले में कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका सिर फट गया, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
⚠️ कुल्हाड़ी से हमला, खून से लथपथ हुआ कार्यकर्ता
घटना जामुड़िया थाना क्षेत्र के राखाकुरिया इलाके की बताई जा रही है।
आईएसएफ नेताओं के अनुसार, उस दिन उनकी एक चुनावी बैठक आयोजित थी।
👉 बैठक खत्म होने के बाद जब कार्यकर्ता घर लौट रहा था, तभी रास्ते में कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
👉 इस हमले में उसके सिर पर गंभीर चोट आई और वह खून से लथपथ हो गया।
🚓 पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल कार्यकर्ता को तुरंत जामुड़िया थाने ले जाया गया, जहां से पुलिस की गाड़ी द्वारा उसे आसनसोल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
👉 डॉक्टरों के अनुसार, घायल की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन सिर पर गहरी चोट के कारण उसे निगरानी में रखा गया है।
आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ा राजनीतिक तनाव
इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है।
👉 आईएसएफ नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस हमले के पीछे तृणमूल कांग्रेस समर्थकों का हाथ है।
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के राज्य नेता वी. सिब दासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
👉 उन्होंने साफ कहा कि इस घटना से तृणमूल का कोई लेना-देना नहीं है और पार्टी हिंसा में विश्वास नहीं रखती।
🗳️ चुनाव से पहले बढ़ती हिंसा चिंता का विषय
बंगाल में चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं प्रशासन और आम जनता के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
👉 राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, वैसे-वैसे इस तरह की घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है।
📌 निष्कर्ष:
जामुड़िया की यह घटना एक बार फिर बंगाल की चुनावी हिंसा पर सवाल खड़े करती है।
👉 अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और दोषियों को कब तक सजा मिलती है।













