कोलकाता, 21 मार्च 2025 : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल सूचना आयोग में दो नए सदस्यों की नियुक्ति की गई है। पूर्व डीजीपी बीरेंद्र की पत्नी संचिता कुमार और पुरुलिया से पूर्व लोकसभा सांसद मृगांक महतो को इस पद पर नियुक्त किया गया है। इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

📝 कौन हैं ये नए सदस्य?
✔️ संचिता कुमार, जो एक सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी हैं और हाल ही में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी।
✔️ मृगांक महतो, जो तृणमूल कांग्रेस के पूर्व लोकसभा सांसद रह चुके हैं।
🔹 यह नियुक्ति कैसे हुई?
यह निर्णय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय की मौजूदगी में आयोजित एक बैठक में लिया गया। हालांकि, इस बैठक का विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बहिष्कार किया, जिससे राजनीतिक विवाद और बढ़ गया।

💬 राजनीतिक विवाद और विपक्ष का विरोध!
भाजपा और विपक्षी दलों का आरोप है कि यह नियुक्ति पूरी तरह से राजनीतिक रूप से प्रेरित है और तृणमूल कांग्रेस अपने करीबी लोगों को सरकारी पदों पर बैठाने की कोशिश कर रही है। शुभेंदु अधिकारी ने इस फैसले को ‘भाई-भतीजावाद’ करार दिया और बैठक से दूरी बना ली।

📢 TMC का तर्क:
राज्य सरकार के अनुसार, भर्ती में पूरी पारदर्शिता रखी गई है और केवल योग्य लोगों को ही चयनित किया गया है।
🛑 हालांकि, इस फैसले को लेकर बंगाल की राजनीति में हलचल लगातार बढ़ रही है!













