👉 पूरे कमिश्नरेट में अब तक का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड, स्टॉक मार्केट में निवेश का दिया था लालच, जांच में जुटी पुलिस
रानीगंज : रानीगंज के वयोवृद्ध चिकित्सक व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार शर्मा बड़ी साइबर ठगी का शिकार हो गए। उन्हें साइबर जालसाजों ने अपनी चंगुल में फांसकर 15 करोड़ 80 लाख 90 हजार रुपए ठग लिए। स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करके बड़ा प्रॉफ़िट कमाने का लालच देकर उन्हें शिकार बनाया गया।
एक महीने से ज़्यादा समय से साइबर जालसाज़ डॉ. अरुण को स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने का लालच देकर उनसे ये पैसे ऐंठ रहे थे। पीड़ित डॉक्टर ने आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम डिपार्टमेंट में शिकायत दर्ज कराई है। DCP (हेड क्वार्टर) अरविंद कुमार आनंद ने कहा, “पहले तीन करोड़ रुपये की रंगदारी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस बार धोखाधड़ी से करीब 16 करोड़ रुपये ऐंठ लिए गए हैं। यह पश्चिम बर्दवान ज़िले में सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड का आरोप है। मामले की जांच शुरू हो गई है।”
अरुण को साइबर जालसाज़ों ने अपने चंगुल में कैसे फांसा?
पीड़ित डॉक्टर ने बताया कि उसे मोनार्क VIP नाम के एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया था। वहां उन्हें कुछ करोड़ के बदले 200 करोड़ के मुनाफे का लालच दिया गया। उनसे एक ट्रेडिंग अकाउंट खोलने को कहा गया। जालसाजों की बात पर विश्वास करके उन्होंने गूगल प्ले स्टोर से मोनार्क ऐप डाउनलोड किया। सबसे पहले उन्होंने 24 अक्टूबर को 50 हजार रुपये का निवेश किया। ग्रुप की एडमिन अनुश्री शाह नाम की एक महिला थी। वही पूरी प्रक्रिया को संभाल रही थी। उन्हें मोनार्क कैपिटल के नाम से सेबी रजिस्ट्रेशन भी दिखाया गया। इसके बाद उन्होंने जालसाजों पर बहुत भरोसा दिखाया।
24 अक्टूबर से 25 नवंबर के बीच उन्होंने कदम दर कदम 15 करोड़ 80 लाख 90 हजार रुपये का निवेश किया। उन्हें बताया गया कि इस निवेश के जरिए उन्हें 200 करोड़ रुपये वापस मिलेंगे। लेकिन निवेश के बाद जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की तो उन्हें झटका लगा। वादे के मुताबिक जालसाजों के बताए रास्ते पर चलकर वह कोई पैसा नहीं निकाल सके। इसके बाद उन्होंने ग्रुप एडमिन से संपर्क किया।
उन्हें बताया गया कि उन पैसों को निकालने के लिए उन्हें 12 करोड़ 50 लाख रुपये का कमीशन देना होगा। यह पैसा एडवांस में जमा करना होगा। उसके बाद वह वह 200 करोड़ रुपये निकाल सकता है। उस समय उसे शक हुआ कि वह जालसाजों के चंगुल में फंस गया है। इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया। जांच करने वालों का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि इस घटना के पीछे कौन या क्या है?











