कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन का नया कार्यालय, महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा फोकस

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कोलकाता : महानगर कोलकाता में महिलाओं की सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अंतरराष्ट्रीय इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल के नए कार्यालय का उद्घाटन विराटी में भव्य रूप से किया गया। इस अवसर पर संगठन के इंटरनेशनल बोर्ड के चेयरमैन और प्रसिद्ध मीडिया पर्सनैलिटी संजय सिन्हा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

🎉 नए कार्यालय का शुभारंभ, जागरूकता की पहल

उद्घाटन के दौरान संजय सिन्हा ने कहा—

👉 “कोलकाता एक व्यस्त और भीड़भाड़ वाला शहर है, जहां हर दिन लाखों लोगों की आवाजाही होती है”
👉 “ऐसे में सुरक्षा, खासकर महिलाओं की सुरक्षा, एक बड़ा मुद्दा बन जाता है”

उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि हर व्यक्ति को खुद भी सतर्क रहना जरूरी है

⚖️ महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानूनों पर जोर

अपने संबोधन में संजय सिन्हा ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी भी दी—

👉 सेक्सुअल हैरेसमेंट ऑफ वुमन एट वर्कप्लेस (प्रिवेंशन, प्रोहीबिशन एंड रिड्रेसल) एक्ट 2013 (POSH एक्ट)
👉 इसके तहत किसी भी ऑफिस, कंपनी या कॉलेज में—

  • यौन टिप्पणी
  • छेड़छाड़
  • अश्लील मैसेज
  • अनचाहा स्पर्श

👉 ये सभी कानूनी अपराध माने जाते हैं

👥 कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर संगठन के कई पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे—

👉 जिला अध्यक्ष कुमकुम माइति बिस्वास
👉 प्रदेश उपाध्यक्ष कौशिक रॉय चौधरी
👉 रंजीत राम दे
👉 चंदन कुंडू
👉 रतन चक्रवर्ती
👉 शांतनु बसाक
👉 अंजन दे

सभी ने मिलकर इस पहल को समाज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

🌸 नवरात्रि में शुभ शुरुआत, भविष्य की योजनाएं

प्रदेश उपाध्यक्ष कौशिक रॉय चौधरी ने कहा—

👉 “नवरात्रि के पावन अवसर पर कार्यालय का उद्घाटन एक शुभ संकेत है”
👉 “भविष्य में संगठन और बेहतर कार्य करेगा और लोगों को जागरूक करेगा”

🙏 आभार और संकल्प

कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष कुमकुम माइति बिस्वास ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया और संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

📌 निष्कर्ष:

कोलकाता में इस नए कार्यालय का उद्घाटन न केवल संगठन के विस्तार का संकेत है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और मानवाधिकारों के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी प्रतीक है।

👉 आने वाले समय में यह संस्था समाज में सुरक्षा, समानता और जागरूकता को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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