फर्जी पहचान के सहारे जनमत सर्वेक्षण? पांच गिरफ्तार, दो महिलाएं भी शामिल
बांकुड़ा शहर में जनमत सर्वेक्षण करने के नाम पर फर्जी पहचान और धोखाधड़ी के आरोप में एक सर्वेक्षण दल के दो महिला सदस्यों समेत कुल पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को बांकुड़ा जिला अदालत में पेश किया गया और उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
📌 टीएमसी की सतर्कता से खुला पर्दाफाश
हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्य नेतृत्व ने एक आधिकारिक परिपत्र जारी कर कार्यकर्ताओं को आगाह किया था कि कुछ लोग सर्वे के नाम पर लोगों से संवेदनशील जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। इसी दिशा में काम करते हुए वार्ड 15 के TMC सचिव टुटुन दास ने इन लोगों पर नज़र डाली और शक होने पर तुरंत सदर थाना को सूचना दी।
👮 पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 5 हिरासत में
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर दो महिलाओं सहित पांच लोगों को हिरासत में लिया। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी एक निजी सर्वे एजेंसी के कर्मचारी हैं, जिनमें से एक पूर्व बर्धमान जिले के शक्तिगढ़ का निवासी है और शेष बांकुड़ा जिले के रहने वाले हैं।
❓ प्रश्न उठे – क्या निजी एजेंसी के पीछे कोई राजनीतिक एजेंडा था?
पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि वे सिर्फ अपने सर्वे कार्य में लगे थे और उन्हें यह नहीं बताया गया था कि उन पर किस प्रकार का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस पूरी घटना ने एक बार फिर से निजी एजेंसियों द्वारा किए जाने वाले राजनीतिक या सामाजिक सर्वेक्षणों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
⚖️ राजनीतिक हलकों में हलचल, जांच की मांग तेज
घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या यह राजनीतिक जासूसी का हिस्सा है या सिर्फ एजेंसी की लापरवाही? बांकुड़ा पुलिस ने फिलहाल सभी गिरफ्तार व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है और एजेंसी के रजिस्ट्रेशन व अनुमति पत्रों की जांच भी हो रही है।













