ईद मिलन में बही सद्भाव और भाईचारे की बयार, संजय सिन्हा बोले- “हिंदू-मुस्लिम एक गुलदस्ता!”

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आसनसोल: सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए आसनसोल म्यूजिकल फोरम द्वारा ओके रोड ऑटो स्टैंड, रेलपार में ईद मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में करीब 200 लोग शामिल हुए, जहां सामाजिक गीत, ग़ज़लें और कविताओं की शानदार प्रस्तुति दी गई।

🎤 सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश 🎤

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल के चेयरमैन संजय सिन्हा ने सभी को ईद की मुबारकबाद दी और कहा—
🗣️ “ईद और होली जैसे त्योहार हमें जोड़ने का काम करते हैं। हमें एक-दूसरे के त्यौहारों को मिलजुल कर मनाना चाहिए, क्योंकि यही भारत की असली पहचान है!”

उन्होंने कहा कि “हिंदू-मुसलमान एक गुलदस्ते की तरह हैं, जहां हर फूल अपनी खुशबू से समाज को महकाता है। सदियों पुरानी यह गंगा-जमुनी तहज़ीब हमें और मजबूत बनाती है।”

🌟 पार्षद एस. एम. मुस्तफा ने मिल्लत पर दिया जोर 🌟

स्थानीय पार्षद एस. एम. मुस्तफा ने कहा कि—
🗣️ “ऐसे आयोजनों से आपसी भाईचारा बढ़ता है। हमारी संस्कृति हमें साथ मिलकर रहने और हर खुशी को एक परिवार की तरह बांटने की सीख देती है।”

🎶 कविताएं, ग़ज़लें और संगीत ने बांधा समां 🎶

इस दौरान ग़ज़ल गायक अब्दुल मुनाफ इलियासी, मासूम रजा मासूम और हसन वारसी ने अपनी ग़ज़लों से समां बांध दिया।
कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद महताब ने किया।

🌍 हर धर्म को जोड़ने का प्रयास

आयोजक मोहम्मद रिज़वान और नवाब खान ने कहा कि—
🗣️ “हमारा मकसद समाज के हर तबके और धर्म के लोगों को जोड़ना है। हमारी संस्था हर साल ईद और होली मिलन जैसे कार्यक्रमों के ज़रिए एकता का संदेश देती है।”

🔥 सामाजिक सौहार्द के नायक— ईद मिलन में जुटे दिग्गज 🔥

इस मौके पर कैसा इमाम, हसन वारसी, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद असलम, अलाउद्दीन, आकिब जावेद, मोहम्मद सनावर, मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद मुश्ताक, मोहम्मद आज़ाद, खालिद खान, शमीम महाजन, इकरामुद्दीन और अंजन दे ने अपने विचार रखे।

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