नई दिल्ली/कोलकाता: अवैध कोयला खनन और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 100.44 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई Eastern Coalfields Limited के लीज क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और कोयला चोरी से जुड़े मामले में की गई है। जांच के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क अनूप माझी के नेतृत्व वाले एक संगठित सिंडिकेट द्वारा संचालित किया जा रहा था।
🔎 जांच में सामने आया पूरा खेल
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि सिंडिकेट अवैध खुदाई कर बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी करता था। इसके बाद स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के जरिए इस कोयले को पश्चिम बंगाल के विभिन्न कारखानों तक पहुंचाया जाता था।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा तथाकथित “लाला पैड” को लेकर हुआ। यह एक अवैध ट्रांसपोर्ट चालान प्रणाली थी, जिसे अनूप माझी द्वारा शुरू किया गया बताया जा रहा है। यह फर्जी फर्मों के नाम पर जारी टैक्स इनवॉइस की तरह काम करता था।
सिंडिकेट की कार्यप्रणाली बेहद संगठित थी। ट्रांसपोर्टर को फर्जी चालान के साथ 10 या 20 रुपये का एक नोट दिया जाता था। उस नोट को वाहन की नंबर प्लेट के पास रखकर फोटो खींची जाती और व्हाट्सऐप के माध्यम से सिंडिकेट ऑपरेटर को भेजी जाती। ऑपरेटर वही फोटो रास्ते में पड़ने वाले संबंधित पुलिस और अन्य अधिकारियों तक पहुंचाता था, ताकि वाहन को रोका न जाए या रोकने पर तुरंत छोड़ दिया जाए।
💰 अपराध आय और हवाला नेटवर्क
जांच के दौरान जब्त रजिस्टर, डिजिटल रिकॉर्ड, टैली डेटा और व्हाट्सऐप चैट से पता चला कि इस नेटवर्क के जरिए लगभग 2,742 करोड़ रुपये की अपराध आय अर्जित की गई।
ईडी ने पाया कि सिंडिकेट बैंकिंग प्रणाली से बचने के लिए भूमिगत हवाला नेटवर्क का उपयोग करता था। लेन-देन में एक विशेष कोड साझा किया जाता था, जो अक्सर किसी करेंसी नोट का सीरियल नंबर होता था। यही कोड सत्यापन की कुंजी के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
🏢 किन संपत्तियों पर गिरी गाज?
कुर्क की गई 100.44 करोड़ रुपये की संपत्तियों में अचल संपत्ति, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड निवेश शामिल हैं। ये संपत्तियां लाभार्थी कंपनियों शाकंभरी इस्पात एंड पावर लिमिटेड और गगन फेरोटेक लिमिटेड के नाम पर दर्ज थीं।
इस नई कार्रवाई के बाद अब तक कुल 322.71 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। इससे पहले 08 जनवरी 2026 को कोलकाता और दिल्ली में 10 ठिकानों पर तलाशी ली गई थी। उन छापों से मिले साक्ष्यों के आधार पर ही यह ताजा कार्रवाई की गई है।
⚖️ आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
ईडी ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। एजेंसी ने कहा कि प्राकृतिक संसाधन देश की जनता की संपत्ति हैं और इनके दुरुपयोग को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद कोयला माफिया और हवाला नेटवर्क से जुड़े अन्य नामों पर भी जांच की आंच तेज होने की संभावना है।











