आसनसोल/पांडेश्वर:
पूर्व विधायक और भाजपा नेता जितेंद्र कुमार तिवारी ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के झांझरा क्षेत्र के महाप्रबंधक पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक औपचारिक शिकायत पत्र ECL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक को भेजा है। इसमें GM के गैर-पेशेवर, पक्षपाती और संदिग्ध राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने की बात कही गई है।
🚨 क्या हैं आरोप?
तिवारी ने अपने शिकायती पत्र में उल्लेख किया है कि—
- 15 जून 2025 को रात 9:45 बजे से 10:30 बजे तक GM ने तृणमूल कांग्रेस के जिला कार्यालय (दुर्गापुर) में एक बैठक की, जो एक राजनीतिक गतिविधि मानी जाती है।
- इस मीटिंग में कथित तौर पर ऐसे व्यक्ति शामिल थे जो झांझरा क्षेत्र के DO धारकों से अवैध वसूली करते हैं और जिनका संबंध तृणमूल नेता नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती से है।

🔥 “ऑपरेशन सिंदूर” पर भी उठाया सवाल
तिवारी ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने हाल ही में भारतीय सेना और केंद्र सरकार के विरुद्ध आपत्तिजनक और देशविरोधी बयान दिए थे। ऐसे नेता से जुड़े लोगों के साथ GM का संपर्क होना सरकारी पद की गरिमा के खिलाफ है।
🛑 कोयला चोरी और मिसरिपोर्टिंग के भी आरोप
ECL के झांझरा क्षेत्र में लंबे समय से कोयला उत्पादन में गड़बड़ियों, मिसरिपोर्टिंग और चोरी की शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुकी हैं। तिवारी ने इन घटनाओं में GM की भूमिका पर संदेह जताते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
🤐 अभी तक चुप्पी
इस पूरे प्रकरण पर ECL प्रबंधन या पांडेश्वर के वर्तमान विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
🔍 तिवारी का सवाल— “GM सरकारी अफसर हैं या तृणमूल के कार्यकर्ता?”
जितेंद्र तिवारी ने तंज कसते हुए कहा—
“अगर एक GM रात्रि के समय राजनीतिक दलों के ऑफिस में रणनीति बना रहे हैं, तो क्या वे सरकारी अफसर हैं या तृणमूल के कार्यकर्ता?”













