बंगाल चुनाव से पहले कोलकाता पहुंचेगी चुनाव आयोग की पूरी टीम, दो दिन चलेगा मंथन

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग की सक्रियता तेज हो गई है। इसी कड़ी में भारत निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ दो दिवसीय दौरे पर रविवार रात कोलकाता पहुंचेगी। इस दौरे का नेतृत्व मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य में चुनावी तैयारियों की समीक्षा करना और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया का जायजा लेना है। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान कई अहम निर्णयों पर चर्चा हो सकती है।

कालीघाट मंदिर में पूजा के साथ होगी शुरुआत

जानकारी के मुताबिक, नौ मार्च की सुबह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सबसे पहले कोलकाता के प्रसिद्ध कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। यह मंदिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र में स्थित है और राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

राजनीतिक दलों के साथ होगी अहम बैठक

पूजा के बाद चुनाव आयोग की टीम विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगी। इस बैठक में राज्य में चल रही एसआईआर प्रक्रिया, मतदाता सूची से जुड़े विवाद, और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर दलों के सुझाव और शिकायतें सुनी जाएंगी।

मुख्य चुनाव अधिकारी देंगे विस्तृत रिपोर्ट

उसी दिन दोपहर में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल आयोग की पूर्ण पीठ के सामने एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे। इस रिपोर्ट में राज्य में जारी अंतिम मतदाता सूची से जुड़े लंबित मामलों और उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी जाएगी।

प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक

दौरे के दूसरे दिन चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ राज्य सरकार के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। इस बैठक में राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक पीयूष पांडेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

इसके अलावा आयोग की टीम चुनाव पंजीकरण अधिकारियों, सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारियों और बूथ स्तर के अधिकारियों से भी मुलाकात करेगी। इसके बाद जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।

चुनावी माहौल के बीच बढ़ी हलचल

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में चुनाव की घोषणा से पहले चुनाव आयोग का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि आयोग चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए तैयारियों को लेकर गंभीर है।

राज्य में पहले से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं और सभी दल अपने-अपने स्तर पर चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं। ऐसे में चुनाव आयोग की यह बैठकें आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकती हैं।

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