एक ट्रक, तीन नंबर प्लेट! दुर्गापुर में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा

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दुर्गापुर:
पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर दुर्गापुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ही मालवाहक ट्रक पर तीन अलग-अलग नंबर प्लेट लगी हुई थीं—जिसमें एक वैध और दो पूरी तरह अवैध पाई गईं। शनिवार को दुर्गापुर के सागरभांगा औद्योगिक क्षेत्र के गोल पार्क इलाके में स्थानीय लोगों ने ट्रक चालक को रंगे हाथों पकड़ लिया, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दुर्गापुर नगर निगम के वार्ड नंबर 29 के गोल पार्क क्षेत्र के आसपास कई फैक्ट्रियां स्थित हैं। रोजाना भारी वाहनों की आवाजाही होती है। लोगों का आरोप है कि संबंधित ट्रक तेज और लापरवाह रफ्तार से चलता था, जिससे आम राहगीरों की जान खतरे में पड़ रही थी।

👀 नंबर प्लेट बदलते हुए पकड़ा गया चालक

शनिवार सुबह कॉलोनी निवासी बिकाश घटक ने देखा कि ट्रक चालक सड़क किनारे खड़े होकर एक नंबर प्लेट निकालकर दूसरी प्लेट लगा रहा है, जो किसी अन्य राज्य की थी। शक होने पर स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और चालक से पूछताछ शुरू की। जब चालक भागने की कोशिश करने लगा तो गुस्साए लोगों ने उसे रोक लिया।

स्थानीय लोगों का सवाल था—
👉 एक ट्रक पर तीन नंबर प्लेट कैसे हो सकती हैं?
👉 इतने दिनों तक यह ट्रक शहर की सड़कों पर कैसे चलता रहा?

🚓 पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही कोकओवन थाना पुलिस और मुचिपाड़ा सब-ट्रैफिक गार्ड के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भीड़ से चालक को सुरक्षित निकालकर थाने ले गई। पूछताछ में चालक ने फाइनेंस से जुड़ी परेशानियों से बचने के लिए नंबर प्लेट बदलने की बात कबूल की

एक ट्रैफिक अधिकारी ने कहा,

“यह पूरी तरह अस्वीकार्य और गंभीर अपराध है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।”

🏛️ राजनीति भी कूदी मैदान में

इस घटना ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है।
भाजपा नेतृत्व ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले पुलिस के सहारे अवैध वसूली की जा रही है।
वहीं जिला तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने पलटवार करते हुए कहा,

“कानून अपना काम करेगा, भाजपा को हमें ज्ञान देने की ज़रूरत नहीं है।”

❓ शहर में उठे बड़े सवाल

इस घटना के बाद सागरभांगा कॉलोनी इलाके में भारी तनाव का माहौल है। शहरवासियों के मन में अब बड़ा सवाल यह है कि—
एक ही ट्रक तीन नंबर प्लेट के साथ इतने दिनों तक दुर्गापुर की सड़कों पर बेखौफ कैसे दौड़ता रहा?
प्रशासनिक निगरानी और परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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