डुलुंग नदी बनी आफत! झाड़ग्राम के 30 गांव जिला मुख्यालय से कटे, लोगों में आक्रोश

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झाड़ग्राम, संवाददाता |

झाड़ग्राम जिले के चिल्कीगढ़ क्षेत्र में डुलुंग नदी की बाढ़ ने एक बार फिर जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश और निम्न दबाव के प्रभाव से नदी का जलस्तर खतरनाक तरीके से बढ़ गया है। नदी पर बने निचले कजवे (अस्थायी पुल) के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे झाड़ग्राम शहर का संपर्क गिधनी और आस-पास के लगभग 30 गांवों से पूरी तरह टूट गया है।

🌊 हर साल की वही कहानी, पुल नहीं बनी आज़ादी के 75 साल बाद भी

स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। उनका कहना है कि हर साल बारिश में ये स्थिति आती है, लेकिन आज तक डुलुंग नदी पर स्थायी पुल नहीं बन पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता चुनाव के वक्त वादे करते हैं, लेकिन बारिश आते ही सब भूल जाते हैं।

🚧 सड़क संपर्क टूटा, बीमारों को अस्पताल पहुंचाना चुनौती

पानी के तेज बहाव के कारण स्कूल, अस्पताल, बाजार जैसी जरूरी सेवाओं तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि एक बीमार बुजुर्ग को अस्पताल ले जाने में नाव का सहारा लेना पड़ा।

📢 प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने स्थायी पुल निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि जब तक पुल नहीं बनेगा, तब तक हर साल यही संकट बना रहेगा

  • “पुल नहीं, परेशानी बनी परंपरा!”
  • 75 साल आज़ादी के बाद भी बाढ़ में फंसे हैं लोग
  • नदी पार स्कूल जाने वाले बच्चों की जान रोज़ खतरे में
  • गर्भवती महिला को ट्रैक्टर से पार कराया गया नदी का उफान
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