दुर्गापुर। दुर्गापुर प्रोजेक्ट लिमिटेड (डीपीएल) में शनिवार को ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिसने सबको चौंका दिया। 18 कर्मचारियों के तबादले के खिलाफ डीपीएल के प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार को कर्मचारियों ने बंद कर दिया और गेट के सामने लेटकर ऐतिहासिक धरना शुरू कर दिया।
कर्मचारी संगठन दुर्गापुर प्रोजेक्ट डिप्लॉयड एम्प्लॉयीज़ वेलफेयर एसोसिएशन का आरोप है कि साल 2022 के अंत में ही 332 कर्मचारियों को पड़ोसी जिलों में ट्रांसफर किया गया था। अब मुश्किल हालात में ड्यूटी करने के बाद एक बार फिर 18 कर्मचारियों को दूरस्थ जिलों में भेजने का आदेश आया है, जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अचानक तबादले से उनका पारिवारिक जीवन, बच्चों की पढ़ाई और स्थानीय दायित्व सब प्रभावित होते हैं। उन्होंने प्रबंधन से मांग की कि तबादला आदेश तुरंत वापस लिया जाए, अन्यथा आंदोलन और उग्र होगा। कई कर्मचारियों ने यह भी कहा कि उनकी वरिष्ठता और कार्य अवधि के अनुसार निर्णय लिया जाना चाहिए।
कर्मचारियों ने नारे लगाए— “तबादला नीति बंद करो”, “मानवता के नाम पर न्याय दो”। इस प्रदर्शन के चलते डीपीएल प्रशासनिक कामकाज कुछ घंटों के लिए ठप हो गया।
हालांकि डीपीएल की जनसंपर्क अधिकारी स्वगता मित्रा ने कहा, “मैनेजमेंट पूरे मामले को मानवीय दृष्टिकोण से देखेगा और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की कोशिश करेगा।” सूत्रों के मुताबिक, अगले सप्ताह एक त्रिपक्षीय बैठक बुलाई जा सकती है।
श्रमिक नेताओं का कहना है कि अगर प्रबंधन ने मांगों को नहीं माना तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज़ होगा।











