भाजपा की हार पर दिलीप घोष का बड़ा बयान, संगठन को ठहराया जिम्मेदार

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दुर्गापुर:
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने एक बार फिर पार्टी संगठन को लेकर तीखी और स्पष्ट टिप्पणी करते हुए बर्धमान–दुर्गापुर लोकसभा सीट पर भाजपा की हार के कारणों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस सीट पर पराजय का मुख्य कारण संगठनात्मक कमजोरी रही, जिसके चलते पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा।

दिलीप घोष ने कहा कि मेदिनीपुर में उन्होंने लगातार पांच वर्षों तक आम जनता के साथ जमीन पर काम किया, जिससे वहां संगठन को मजबूत करने का भरपूर अवसर मिला। वहीं, बर्धमान–दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र में उन्हें बहुत कम समय के भीतर उम्मीदवार घोषित किया गया, जिसके कारण संगठन की कमियों को दूर करने या जमीनी ढांचे को सशक्त करने का मौका नहीं मिल पाया।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीमित समय में संगठन खड़ा करना या उसे मजबूत करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है और यही स्थिति बर्धमान–दुर्गापुर में देखने को मिली। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर एक ईमानदार आत्ममूल्यांकन के तौर पर देखा जा रहा है।

यह टिप्पणी उन्होंने बुधवार सुबह दुर्गापुर के सिटी सेंटर से गांधी मोड़ तक मॉर्निंग वॉक करने के बाद आयोजित एक अनौपचारिक चाय-चर्चा के दौरान की। इस मौके पर स्थानीय नागरिकों और भाजपा समर्थकों से संवाद करते हुए उन्होंने चुनाव परिणामों, संगठन की स्थिति और भविष्य की चुनौतियों पर खुलकर अपनी बात रखी।

🔍 पार्टी के भीतर आत्ममंथन के संकेत

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिलीप घोष का यह बयान केवल एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर संगठनात्मक समीक्षा और आत्ममंथन की आवश्यकता की ओर संकेत करता है। 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे बयान यह दर्शाते हैं कि पार्टी अब जमीनी स्तर पर अपनी कमजोरियों को पहचानने और सुधारने की दिशा में सोच रही है।

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