लाइफ सर्टिफिकेट के नाम पर 6 लाख की ठगी, मुंबई से दबोचा गया मास्टरमाइंड

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दुर्गापुर/कांकसा:
लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराने के नाम पर एक वरिष्ठ नागरिक से लाखों रुपये की साइबर ठगी के मामले में कांकसा थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में मुंबई से गिरफ्तार आरोपी को शनिवार दोपहर करीब 1 बजे दुर्गापुर महकुमा (उप-मंडलीय) अदालत में पेश किया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कांकसा थाना क्षेत्र के बामुनारा स्थित तपोवन सिटी के निवासी वरिष्ठ नागरिक अशोक कुमार राय को ठगों ने निशाना बनाया। आरोप है कि खुद को सरकारी सेवा से जुड़ा बताकर आरोपियों ने उनसे लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराने का झांसा दिया और अलग-अलग चरणों में उनसे करीब 6 लाख 22 हजार रुपये की ठगी कर ली।

🕵️‍♂️ शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

पीड़ित अशोक कुमार राय ने इस धोखाधड़ी को लेकर 27 नवंबर को कांकसा थाना के साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही कांकसा थाना की साइबर शाखा के अधिकारी मामले की जांच में जुट गए।

तकनीकी जांच और बैंक लेनदेन की जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि इस ठगी का मुख्य आरोपी मुंबई में छिपा हुआ है

🚨 मुंबई में दबिश, यूपी निवासी आरोपी गिरफ्तार

इसके बाद कांकसा थाना की एक विशेष पुलिस टीम जनवरी के पहले सप्ताह में मुंबई रवाना हुई। वहां से मुख्य आरोपी अबू दरदा अहमद को गिरफ्तार किया गया। आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी है, लेकिन लंबे समय से मुंबई में रह रहा था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के मुंबई में कई सैलून हैं और वहीं से वह साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित कर रहा था।

⚖️ अदालत में पेशी, रिमांड पर पूछताछ

गिरफ्तारी के बाद 6 जनवरी को आरोपी को मुंबई की अदालत में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद शुक्रवार रात उसे कांकसा थाना लाया गया। शनिवार को दुर्गापुर महकुमा अदालत में पेश करने के बाद पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस साइबर ठगी गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, तथा क्या इस तरह की ठगी के अन्य मामले भी इसी नेटवर्क से जुड़े हैं।

⚠️ पुलिस की चेतावनी

कांकसा थाना पुलिस ने आम लोगों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, से अपील की है कि वे लाइफ सर्टिफिकेट, पेंशन, बैंक या ओटीपी से जुड़ी कोई भी जानकारी फोन कॉल या अज्ञात लिंक के माध्यम से साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल की तुरंत सूचना नजदीकी थाना या साइबर सेल को दें।

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